दिन और रात का पता नहीं है
मुझे इस महीने में !
कुछ ऐसी हवा चली है !
मेरे जीवन में !
आग इतना भी ना लगाओ !
मेरी जिंदगी के इस आगन में !
कि कई बर� read more >>
गिरा आम के पेड़ से डाल, बच गया भईया बाल-बाल
आगे दिखा गजब टीकोरा, मन विचलित हुआ निहोरा
रात का मसला बीसो बार, अपना फेटा कई बार
जो पढ़ जाए वो दी read more >>
बाबा तू ही सहारा है मेरा,
ये दुनियां बड़ी मतलबी है,
इस मतलबी दुनियां में एक तू ही अपना है मेरा,
बाबा और क्यों भटकूं दर बदर मैं,
जब तेरे चर read more >>