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दिल लगालो कैन्हया से, इस दुनियादारी में क्या रखा हैं, तार देगा मेरा कैन्हया , इस दुनिया ने डगा रखा हैं। read more >>
कुंडलिया छंद महिमा तेरी खूब है,जाने सब संसार। माँ तेरे उपकार से, जीवन में है प्यार।। जीवन में है प्यार,नूर आँखों में रहता। माँ तुमसे � read more >>
ये दुनिया हैं डुबोने वाली, तारने वाला मेरा श्याम हैं, ये दुनिया तो हैं परदेशी, अपने तो बस‌ श्याम हैं। जय श्री कृष्ण read more >>
कुंडलिया छंद मजहब की दीवार को,तोड़ बढूं मैं यार। मानवता से प्यार हो,करूं नहीं तकरार।। करूं नहीं तकरार, मनुज बनकर है रहना। रिश्ते हो म read more >>
कुंडलिया छंद आँसू आँखों में लिए, रखे जिया में लाज। पिया संग डोली चढ़ी, कोमल काया आज।। कोमल काया आज,लिए मन में मधु सपने। मंजुल चंचल हूर, read more >>
तेरी छाया में खुद को महफूज रखती हूं, ना फिक्र किसी बात की कैन्हया, ना दुनिया की खबर रखती हूं, तेरी हूं, तेरा ही ख्याल रखती हूं, जय श्री कृ read more >>
कुंडलिया छंद होली की अति है खुशी,भागा अशुभ दुराव। उपजा मन अनुराग से,सबसे बढ़ा लगाव।। सबसे बढ़ा लगाव,भूल कर पिछली कटुता। संगी दुश्मन � read more >>
कुंडलिया छंद माया छाया से भरी, करते रहें पुकार। ईश्वर के आधीन सब,उनसे ही संसार।। उनसे ही संसार,करे सबका वे पालन। अदभुत अनुपम कांड,भव् read more >>
कुंडलिया छंद पूजा मय आँगन लगे,प्राण करे उत्कर्ष। धरा वसन्ती हो गई,घर घर में है हर्ष।। घर घर में है हर्ष,कृपा माँ धनदा करिए। सबको हो उल� read more >>
कविता *उदास जिंदगी* मेरी जिंदगी में उदासी रहती है चांद को चांदनी की आस रहती है।। कोई भी नशा नहीं किया मैंने फिर भी नशे की खुमार� read more >>
कुंडलिया छंद केवल खुशियां ही मिले, जीवन हो गुलजार। व्यर्थ नहीं जाता कभी,अच्छी सोच विचार।। अच्छी सोच विचार,वरदान लगता हमको। मन में रह read more >>
कुंडलिया छंद शेखी रहे बघार जो,सुनिए यह मधु ज्ञान। औरों पर भी ध्यान दें,रखे खुदा तब मान।। रखे खुदा तब मान,आस सब पूरे करते। खुशियाँ मन म read more >>
कुंडलिया छंद होनी होकर ही रहे, रखिए सबसे प्यार। सब कुदरत के खेल हैं,सहे मनुज लाचार।। सहे मनुज लाचार,और श्रम कर तब बढते। मिटे तभी सब प्� read more >>
कुंडलिया छंद चोखा एक मिसाल बन, बने देश गुलजार। अमर रहेगा नाम तब, सीरत में हो प्यार।। सीरत में हो प्यार,नेह का होगा दुनिया। शर्म करे तब read more >>
कुंडलिया छंद नूतन साल खुशियां भरे,लाए मधुर बहार। जीवन सुरभित खूब हो, दिल में हो अति प्यार।। दिल में हो अति प्यार,चाह पूरी हो सबकी। सब read more >>
कुंडलिया छंद भारत भूमि अखंड हो, अटल सुरक्षित देश। युग युग तक हस्ते चले,रहे सदा अखिलेश।। रहे सदा अखिलेश,प्रगति की बहार आए। खुशियां सब� read more >>
कुंडलिया छंद सपने हों साकार तब, जब हो दृढ़ उत्साह। जोर शोर से मन लगा, करूं फतह हर राह।। करूं फतह हर राह,खुशी में बीते जीवन। पूरा कर कर्� read more >>
कुंडलिया छंद कविता का संसार ने, सबको दिया मुकाम। ज्ञान भरी दी प्रेरणा,किया खुशी आवाम।। किया खुशी आवाम,हुनर देता है सबको। जन जन में उ� read more >>
कुंडलिया दिवस मेरे मन की पीर को,समझो मेरे यार। करो प्रेम सब देश से,आपस में हो प्यार।। आपस में हो प्यार,वतन पे हम हैं मरते। बनूं धार तलव read more >>
कुंडलिया छंद जिनके सुन्दर आचरण,दे निराश को आस। दग्ध हृदय को दे सदा,एक सुखद अहसास।। एक सुखद अहसास,गुणों को करते आगे। शक्ति करे संचार,� read more >>
कुंडलिया छंद कविता का संसार ने, सबको दिया मुकाम। ज्ञान भरी दी प्रेरणा,किया खुशी आवाम।। किया खुशी आवाम,हुनर देता है सबको। जन जन में उ� read more >>
सभी कोई अच्छे होते हैं, बस बिना जरूरत के लोग बुरा बन जातें है। read more >>
आह ! वेदना...... वो सूनी रेलिंग.... अंतहीन इंतजार..... काश! आते तुम और महका जाते मेरी पीड़ा। जाते समय पुर- उम्मीद लौटे तो न-मुराद। हर रोज ही न� read more >>
कविता- अब जाग उठी है तरुणाई। रचना- जितेन्द्र शर्मा पुष्पित हुआ है फिर से उपवन, सुगंध विश्व में फैलाई। चंद्र तारे भर आंचल में, धरा पर � read more >>
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