(दोहा छंद)
आज कसम लें हम सभी, करूं नित्य ही योग।
एक यही अरमान से,रहिए सभी निरोग।।
जगमग जगमग देश का,सदा करे स्व शान।
रहे विश्व को भान यह,ए� read more >>
(दोहा छंद)
मन में कर लें आज से,करिए नित उठ योग।
मिले लाभ अति आपको, करें सतत तब भोग।।
जीवन में है रोग अति, जानें यह सब लोग।
नियंत्रण में तब read more >>
(दोहा छंद)
सबकुछ अच्छा आपका,कैसा यह संयोग।
जीवन में यह याद रख, करिए नित उठ योग।।
करिए नित उठ योग तो,बढ़े आयु तब खास।
प्रभु से भी तब मिलन � read more >>
(दोहा छंद)
करिए नित उठ योग तो,बढ़े आयु तब खास।
प्रभु से भी तब मिलन हो,दिव्य शक्ति हो पास।।
करिए नित उठ योग भी, इसमें है अति जोश।
आभा मय हो read more >>
बेटी की जिंदगी,
एक उलझन हैं,
ना ससुराल हैं उसका,
ना मायका,
दोनों तरफ से पराई हैं,
मन को मार के हैं जीती,
कैसी रीत पुरानी है,
समझते उसे बोझ, read more >>
(दोहा छंद)
पर करना है कर्म भी, है यह बात अतीक।
राम भरोसे चल रहा, यह तो है बहु ठीक।।
राम भरोसे चल रहा, लोगों के विश्वास।
धोखे वाले हर कहीं, � read more >>
सजा के मंडी -
गद्दी पे बैठकर ;
ढोंग रचा रहा पाखंडी ,
ले के सब सब से वोट -
आघात किया दे के -
सब को चोट ;
तू भूल गया -
अपना परिचय ,
जो भी है तू -
है � read more >>
(दोहा छंद)
आया समय चुनाव का, पार्टी सब में होड़।
अपने अपने ढंग से, बनते सब बेजोड़।।
आया समय चुनाव का, करते सभी प्रचार।
खूब सभाएं हो रहे, अ� read more >>
कभी कभी जीवन में ऐसा पल भी आता है कि मुझे यह लगता है कि मेरे लिए सभी रास्ते बंद हो चुके हैं और अब मैं कुछ भी जीवन में नहीं कर पाऊंगी मैं नि� read more >>
(दोहा छंद)
सभी बदलाव में लगे, आ जाए अब होश।
आया समय चुनाव का, लोगों में भी जोश।।
आया समय चुनाव का,उत्सव जैसा आज।
मुश्किल अब तो दौड़ है,घृ� read more >>
(दोहा छंद)
आया समय चुनाव का,उत्सव जैसा आज।
मुश्किल अब तो दौड़ है,घृणा युक्त है नाज।।
आया समय चुनाव का, गली गली में शोर।
सबके दामन एक सा, � read more >>
समय गुजरता ही गया हम कहां से कहां आ गए!
न जाने कब बचपन बीता, जवानी गुजरी ,इन हाथों से उम्र के कई वर्ष गुजरे!
पता ही न चला, हम कहां से कहां आ � read more >>