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बिरसा मुंडा जिन्होंने 25 साल की उम्र में कर दिए थे अंग्रेज़ों के दांत खट्टे (बीबीसी ने नई साप्ताहिक सिरीज़ शुरू की है 'छोटी उम्र बड़ी ज� read more >>
94 साल के एक बूढ़े व्यक्ति को मकान मालिक ने किराया न दे पाने पर किराए के मकान से निकाल दिया। बूढ़े के पास एक पुराना बिस्तर, कुछ एल्युमीनिय� read more >>
गुरु के चरणों में अर्पित हूं मैं। जिन्होंने ज्ञान का मार्ग दिखाया उस गुरु को समर्पित हूं मैं। उस गुरु को बार बार अभिनंदन तहे दिल से म� read more >>
भगवान शायद तुमने इंसान को भूल जाने की शक्ति दी होती जो वह भुलना चाहता है तो कितना अच्छा होता ना read more >>
एक गांव में एक बहुत ही वीर और बहादुर युवक रहता था जिसका नाम रामू था। वह अपने गांव के सभी लोगों के लिए एक मार्गदर्शक था और उन्हें सदैव सह� read more >>
बहुत समय पहले की बात है, एक छोटे से गांव में एक गरीब लड़की रहती थी जिसका नाम रीमा था। रीमा बहुत ही दयालु और सच्ची हृदय से प्यार करने वाली read more >>
तुम्हारी दुआएं अगर जो मेरे नाम हो जाएं हो सकता है तुम्हारी दुआओं से दिन बदल जाएं मेरी गुरबत के तुम्हारा शुक्रिया होगा जो मेरे दिन बद� read more >>
मैंमैं चाहता तो था तुमसे बात करना दिल तो बहुत था तुमसे मुलाकात करना मैं खुदा खुदा से कहा था बरसात करना मैं चाहता था कोई जिससे जब दिल क read more >>
(दोहा छंद) किसने रोका है तुम्हें, अपनी दशा सुधार। मन में यह अब ठान ले,लेंगे सब अधिकार।। किसने रोका है तुम्हें, जीवन से कर प्यार। ताकि र� read more >>
(दोहा छंद) जागृत करें समाज को, करें खत्म अभिशाप। किसने रोका है तुम्हें,रचना रचिए आप।। किसने रोका है तुम्हें,करने को निर्माण। अपना भा� read more >>
(दोहा छंद) अपना भाव उतार दे,लगे निशाने बाण। किसने रोका है तुम्हें, करने को निर्माण।। किसने रोका है तुम्हें,खूब लीजिए श्वास। धड़कन को � read more >>
(दोहा छंद) मचल रही है वादि, दामन में रख लाज। कल किसने देखा यहां, जी लें खिल कर आज।। कल किसने देखा यहां,वर्तमान पर नाज। हंसते गाते रह यहा� read more >>
(दोहा छंद) झुलस रहा है आदमी, छलियों का है राज। वादा झटपट तोड़ते, समझे खुद को बाज।। झुलस रहा है आदमी,मिलता है प्रतिघात। मन जाता है टूट तब read more >>
(दोहा छंद) जला दिया अरमान को,भूल गई अनुराग। झुलस रहा है आदमी,महँगाई की आग।। जला झुलस रहा है आदमी,मिले न अब विश्वास। मिले फरेबी जन यहां,� read more >>
(दोहा छंद) मिला फरेबी जन यहां,कुचले सबकी आस। झुलस रहा है आदमी,मिले न अब विश्वास।। झुलस रहा है आदमी,करे खुशी सरकार। लोगों में है वेदना,� read more >>
(दोहा छंद) पता नहीं किस मोड़ पर,मिल जाए भगवान। सभी मनोरथ पूर्ण हों,देंगे शुभ वरदान।। पता नहीं किस मोड़ पर, हो जाए उद्धार। इसी आस में मै read more >>
(दोहा छंद) सभी शोहरत पास हो,रहे मजबूत हाथ। पता नहीं किस मोड़ पर,किस्मत दे दे साथ।। पता नहीं किस मोड़ पर,पूर्ण सभी हो खोज। मन में सुरभित read more >>
(दोहा छंद) मन में सुरभित शांति हो, जीवन में हो ओज। पता नहीं किस मोड़ पर,पूर्ण सभी हो खोज।। पता नहीं किस मोड़ पर,मिल जाए अरु ज्ञान। जन्म � read more >>
(दोहा छंद) टूटे बांध विकास के,हुए नागरिक मूक। राम भरोसे चल रहा,दिखे नहीं निज चूक।। टूटे बांध विकास के,छाए बादल भ्रष्ट। जनता में अति छो read more >>
(दोहा छंद) मनमानी है हर जगह, लालच सबके पास। टूटे बांध विकास के,चौपट हुआ विकास।। टूटे बांध विकास के,घोर निराशा आज। अफरातफरी हर जगह,रूक � read more >>
(दोहा छंद) आशा के आकाश पर, दुनिया में है रंग। और निराशा है जहां, बिगड़े उनके ढंग।। आशा के आकाश पर, ही मिलते हैं चाँद। फिर रहती है चाँदनी,� read more >>
(दोहा छंद) पाना है तुमको अगर, यहां सफल किरदार। होगा सब गुण सीखना, करें पार मझधार।। पाना है तुमको अगर,खुशियाँ भरी बहार। निर्मल रखें वि� read more >>
(दोहा छंद) बिगड़ रहा पर्यावरण, फुर्सत में आवाम। अपने अपने शौक में, खत्म किए गुलफाम।। बिगड़ रहा पर्यावरण,भौतिक सुख में लीन। छनिक भोग म� read more >>
(दोहा छंद) अवसर वादी हो गए, आज अधिकतर लोग। अपना ही हैं देखते, खूब मिले जो भोग।। अवसर वादी हो गए, सब नेता गण आज। भरे तिजोरी खूब खुद, करे न व� read more >>
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