तुम तो बहुत बेवफ़ा निकले ,
मेरी जिंदगी से ख़फ़ा निकले ,
तुम्हें याद करके दिन _ रात सनम____
आंसू मेरे कई दफ़ा निकले
।
शिव किशोर ,शाहजहांपुर read more >>
हाय, मैंने यह कब,
क्या कर दिया?
मैं तो मां बनाया था,
सीने में इतना त्याग, किसने भर दिया?
इतना सोचकर खुदा, ग़म खा गया,
पन्नाधाय बनाने की, आग� read more >>