(मुक्तक छंद)
हलचल दिल में हो रही,मधुर मधुर अहसास।
उससे मिलने की तड़प, उसकी ही है प्यास।
पलपल मेरे याद में, आती रहती यार_
यौवन में है सादग� read more >>
हवाएं भी बेरुखी सी थी और मौसम भी नाराज था
लग रहा था कि जैसे ये
मेरी तबाही का साज था
पर एक बादल घुमड़ कर ऐसा बरसा मुझ पर
कि मैने जाना ये त� read more >>
मुझे आज भी याद है कि जब में कक्षा १ या २ में रही हूंगी और मै बिल्कुल ऐसी ही थी जैसे सब बच्चे बचपन में होते है मनमौजी, अपनी ही धुन में।
एक द� read more >>