प्रेम की भाषा सुन, सजनी रे,
बिंदिया चमक रही है आँखों में।
उठो, बसो नींद से हरियाली के पल,
संग गीतों के लहराते हैं तन में।।
सावन के बादल, � read more >>
एक गर्मी का दिन था, धूप तेज़ चमक रही थी। जन्मदिन के इस खास मौके पर, राहुल ने अपने घर में एक पार्टी आयोजित की थी। वे नए रिश्तेदारों को भी आम� read more >>
(मुक्तक छंद)
01
जिन्दगी को मैंने इस कदर देखा जिन्दगी मुझ में डूब गई।
मेरी हर चाहत को पूरा करने के लिए मजबूर हो गई।
अब आलम यह है कि सारी दु� read more >>
(गजल छंद01)
चलते चलते बोझिल होने पर ठहराव ही है जरूरी,
रहते रहते एक ही छत के नीचे बदलाव ही है जरूरी।
संसार में गम बहुत हैं इसलिए प्यार नि� read more >>
आज, कहे तों क्या .....
आज कहे तो ....? हो, आज...
ऐसे गिरी आसमाँ से
नूर सी बिजली ,हाय गई चीर कल्लेजा ।
तड़ती रात रंगीली ।हाय
आज ,कहे......
नजर मे सदा read more >>
उम्र बीते जा रही है और
वो कहते हैं अभी वक़्त है
वक़्त है ,वक़्त है कहते कहते
वक़्त भी अपनी रफ़्तार पकड़ ली है
अहद - ए- शवाब भी फिसलती जा र� read more >>
India, जोकि भारत नहीं है।
सारांश-
(INDIA) हमारे देश भारत का अंग्रेजी नाम नहीं बल्कि अंग्रेजों द्वारा बनाया गया एक लूट का राजनीतिक माडल है जि� read more >>
वह वीर लड़ा, न तनिक डिगा,
सबको दिया, जो जिसके हिस्से है।
जो लिया वही जान गया,
ये अर्जुन सुत, वासुदेव का शिष्य है।
बाण मूठा का मूठा, झट रथ ट� read more >>
एक बार की बात है, एक छोटे से गांव में रहने वाला लड़का रामू था। सावन के महीने के आने पर गांव की खूबसूरती और ताजगी बढ़ जाती थी। बारिश के पान read more >>
भगवान शिव को "भोलेनाथ" कहा जाता है जिसका अर्थ होता है "भोला" या "सरल"। भगवान शिव की कई महत्वपूर्ण कथाएं हैं, लेकिन यहां एक लोकप्रिय कथा सु� read more >>