परमशक्ति परमात्मा या फिर आप उसको | कोई भी नाम दे सकते है । परमात्मा ने हमें | मनुष्य बनाया और सारे रास्तों के बारे मे ब | ताया, कौन सा रास्त read more >>
इंसानियत जैसी मरसी गयी है। हम दिखने में तो इंसान है पर अन्दर से एक शेतान सा बेठा है। जो हर समय कुछ ना कुछ खत्म कर देना चाहता है। हम इंसान� read more >>
मैं हूँ घड़ी आलापन घड़ी
ट्रिन- ट्रिन - ट्रिन - ट्रिन....
बजती हूँ।
प्रातःकाले सभी जनो को
मैं ही उठाया करती हूं।
उठ जाओ - उठ जाओ भानू!
अपनी � read more >>
कविता = ( कोख )
कोख में अपनी माँ मेरी हमको देती मार !
नारी नर्क से निकाल के हमको कर देती उद्धार !!
श्राप ग्रस्त इस योनि से हमको देती तार !
हम read more >>
कविता = ( कोख )
कोख में अपनी माँ मेरी हमको देती मार !
नारी नर्क से निकाल के हमको कर देती उद्धार !!
श्राप ग्रस्त इस योनि से हमको देती तार !
हम read more >>