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घरा से जूड़कर ही वृक्ष , हमेशा हरे-भरे रहते है । यही एक सत्य है। अपनी संकृति ,एक गौरवमय घरोवर है। read more >>
(दोहा छंद) शहरी रौनक देखकर,हृदय हुआ गुलजार। आँखों में चाहत बढ़ी,आए भव्य विचार।। शहरी रौनक देखकर,कंगन खनकी कान। तन मन मुग्ध सितार सा,म read more >>
(दोहा छंद) आँखों में चाहत बढ़ी,आए भव्य विचार। शहरी रौनक देखकर,हृदय हुआ अति गुलजार।। शहरी रौनक देखकर,कंगन खनकी कान। तन मन मुग्ध सितार � read more >>
(दोहा छंद) मिले न ज्यादा भाग्य से,इसका रखें विचार। आगे जो है भाग्य से,ऐसा यह संसार।। मिले न ज्यादा भाग्य से,सबका यहां नसीब। जिसकी जैसी read more >>
(दोहा छंद) मीरा जैसी प्रीत जब,करे जगत के लोग। घर घर में खुशियाँ रहे,होगा कभी न रोग।। अमर कहानी भक्ति की,जाने घर घर आज। मीरा जैसी प्रीत प read more >>
(दोहा छंद) जीवन के दस्तूर है,सुख दुख का यह मेल। यहां खुशी तो गम वहां,रखें नियम सम जेल।। कोई राजा है यहां,कोई रहे गरीब। जीवन के दस्तूर ह� read more >>
(दोहा छंद) राजनीति में धर्म का,भारी अभी अभाव। लाठी के बल भैंस है,फैली अजब दुराव।। राजनीति में धर्म अब,भारत में है झूठ। कथनी करनी सम नह� read more >>
हरी भरी प्रकृति, छाई हरियाली , बागों में फूल खिले हैं, कलिया मुस्कुराई, टप टप टपकी बूंदें, पत्ते पत्ते पर हरषाई, तितली फूलों पर मंडराई, read more >>
झूठी है यह दुनिया सारी, यहां कोई ना समझे पीर-पराई। मतलब से बढ़कर कुछ नहीं यहां, न इंसान, न भगवान। मतलब से सब प्यार, मतलब से सब यार। मत� read more >>
परमशक्ति परमात्मा या फिर आप उसको | कोई भी नाम दे सकते है । परमात्मा ने हमें | मनुष्य बनाया और सारे रास्तों के बारे मे ब | ताया, कौन सा रास्त read more >>
किसी का वक्त ही सहारा होता हैं। तो कोई वक्त का ही मारा होता हैं। दुखों के शहर में खुशी का एक आशियाना होता हैं। कितनी भी इमारतें हो दुन� read more >>
शिकायत हम अब उनसे करते नहीं है करते भी क्या जिनको परवाह नहीं है मोहब्बत में हमने बहुत कुछ सहा है आंखों से शबनम अब बहता नहीं है छोड़ द� read more >>
इंसानियत जैसी मरसी गयी है। हम दिखने में तो इंसान है पर अन्दर से एक शेतान सा बेठा है। जो हर समय कुछ ना कुछ खत्म कर देना चाहता है। हम इंसान� read more >>
गम तू अपना छुपा लें कहीं तेरा गम को पूछने वाला कोई भी नहीं धन्यवाद read more >>
कभी कभी कोई रिश्तों का नाम नहीं होता पर दिल में एक एहसास बेशक पनप जाता है और वही एहसास अंजान से रिश्ते को भी बांध कर रखता है read more >>
हमें तमन्ना थी तुम्हें पाने की पर शायद हम भूल गए कि जिसे पाने की चाहत कर बैठे हैं वो किसी और पे दिल हार बैठे हैं धन्यवाद read more >>
कुछ दिन का ख्वाब दिखा मुझे आसमां में पहुंचा दिया जब हमें उसकी आदत सी हो गई तो ठोकर मार नीचे गिरा दिया। धन्यवाद read more >>
महफ़िल तेरे नाम कर दी तेरे आने की खुशी में हमें क्या खबर थी कि मैं और मेरी तनहाई अकेली रह जाएगी इस महफ़िल में धन्यवाद read more >>
विरह वार में जलते जलते मैंने जीना सीख लिया । सपनों की कलियां ना टूटी नहीं मिला मन चंदन अरण्य बना जीवन धन छूट गया मन आंगन कहीं प्रभात न read more >>
मैं हूँ घड़ी आलापन घड़ी ट्रिन- ट्रिन - ट्रिन - ट्रिन.... बजती हूँ। प्रातःकाले सभी जनो को मैं ही उठाया करती हूं। उठ जाओ - उठ जाओ भानू! अपनी � read more >>
तुम्हारा पत्र... अक्सर मुझे यादों की तरफ खींचती है। जी हां, बहुत ही पुरानी यादें। जो हमारी मोहब्बत से जुड़ी हुई है। तुम्हारा पत्र... जि� read more >>
कविता = ( कोख ) कोख में अपनी माँ मेरी हमको देती मार ! नारी नर्क से निकाल के हमको कर देती उद्धार !! श्राप ग्रस्त इस योनि से हमको देती तार ! हम read more >>
कविता = ( कोख ) कोख में अपनी माँ मेरी हमको देती मार ! नारी नर्क से निकाल के हमको कर देती उद्धार !! श्राप ग्रस्त इस योनि से हमको देती तार ! हम read more >>
ज़रूर, आइए मैं आपको माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की कहानी सुनाता हूँ: एक समय की बात है, दक्ष राजा ने एक विशाल यज्ञ का आयोजन किया और उसमें अप read more >>
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