बचपन के वह दिन याद आते हैं, रामलीला देखने की खुशी जब हम बर्दाश्त नहीं कर पाते थे, आज के बच्चे रामलीला देखने क्यों नहीं जाते हैं, टीवी मोब� read more >>
मन रे बेचैन-
तू क्यों है बेगाना,
तोहे न चैन-
बसे क्यों है बेगाना,,
तू रे चंचल-
तेरा न कहीं ए-ठौर रे,
ए-मन-
भटके तीनों लोक बेचैन रे....!!!!
-मो� read more >>
नमस्ते दोस्तों 🙏🙏
कहते हैं दोस्तों ! मां-बाप की असली खुशियां उनके बच्चे में होती है ! उनकी मुस्कान , सफलता , तरक्की में होती है ....
पर क्य read more >>
#विधा:_दोहा छंद
#"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत"
आता है सच सामने,मंथन जब हो तेज।
और दूध का दूध हो,मन में हो अंगेज।।
आता है सच सामने,वक्त रहे अ� read more >>
खुशियों की चाबी, माता देगी आज ही, खुश होकर कह दे बस जय माता दी, खुशियों की तिजोरी खुद खोलेगी माता तेरी मेरी।
अब ना कर देरी, जय माता दी कहत� read more >>
"आत्मा सही और-
गलत की सूचना देती है"!
"परंतु मनुष्य मन के-
वज़ह भ्रमित हो जाता है"!
"इस परख की चुनौती-
को जिसने हासिल किया है"!!
"असल में उस- read more >>