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भारत के पिछड़ा होने के कई कारण हो सकते हैं। यहाँ पर 10 मुख्य कारण दिए जा रहे हैं, जो सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, और शैक्षिक परिस्थितियों से read more >>
1 .खेलना है तुम्हें तो, आग से नहीं कलम तथा कागज से खेलो । आग तो तुम्हें जला के, राख कर देगी । कलम तथा कागज तुम्हें, आसमान में उड़ना सीखाए read more >>
(सचिन कुमार सोनकर) तेरी मौजूदगी का एहसास मुझे रात भर जगाये रखता है। तेरी यादों में मुझे इस क़दर उलझाये रखता है। तूँ यही कही है मेरे पास � read more >>
आई मां दुर्गा सबके घर नौ दिनों के लिए नौ रूपों में अपना आशीष देने आई मां दुर्गा सबके घर.. करते हैं पूजा सभी भक्तजन अपने-अपने समर्थ अनुसा� read more >>
"हवा- चली ये धीरे-धीरे"! "प्रेम- हुआ ये धीरे-धीरे"! "दिल हुआ- धायल धीरे-धीरे"!! ए-चला- आशिक़ धीरे-धीरे"!!!! -मोती read more >>
"याद में ये- दिल हर धड़ी तुम्हारी"! "हर-ए- धड़कन मेरी याद तुम्हारी"! "नज़रे- करम सनम अब तुम्हारे नाम"!! "मेरा लफ्ज़-ए-सांस तुम्हारे नाम"!!!! read more >>
गरीबी ने सारे अरमानों को जला कर राख कर दिया, अपनों के भीड़ से सरेआम बाहर कर दिया। अपने ही समाज ने जिल्लत भरी जिंदगी है दी, जिंदगी की सा� read more >>
#विधा:_दोहा छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" अंतिम दिन वनवास का,होगा रावण अंत। खुशियाँ भारत वर्ष में,करते जय_जय संत।। अंतिम दिन वनवास � read more >>
#विधा:_कुंडलिया छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" खुशियाँ भारत वर्ष में,करते जय_जय संत। अंतिम दिन वनवास का,होगा रावण अंत।। होगा रावण अं� read more >>
#विधा:_रोला छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" होगा रावण अंत,वनवास का दिन अंतिम। सबके मुख पर राम,पुरुष जो हैं अति उत्तिम। राजपाट का त्याग, read more >>
#विधा:_मुक्तक छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" अंतिम दिन वनवास का,निर्णय का पल आज। घमासान यह युद्ध है,किसकी बचती लाज। जीता सत्य असत्य प� read more >>
आज चाँदनी का दर्शन दिन में ही हो गया। मंगल ही मंगल मय सभी काम ही हो गया। और खूबसूरत हृदय में जग गई आरजू _ आने वाला भविष्य चमकीला ही हो गय� read more >>
अब दिल भर –भर कर आता है अपना प्रतिबिंब चक्षु पे दिखाता है क्या ये सचमुच का प्यार है? या प्यार सहारे दिल पर वार है ये एकतरफा प्यार है। � read more >>
कृषक होते कितना परिश्रमी करते रहते हर वक्त अपने खेत - खलिहानों में कार्य चाहे गर्मी ,वर्षा हो या सर्दी के मौसमों का बहार सूर्य के गर्म read more >>
प्रथम प्रथम प्रथम, असतात फक्त नावाला, मित्र देतात आवाज, आणि ठोकलय यांचा कानाला. मर्दानी नाव यांचं बायकात फिरतात, म्हणून तर पोरींचे चा read more >>
शेर सा दहाड़ यहां बनकर हम सब शेर, वीरों की टोली कभी रुकती नहीं। निकल पड़ी जो मंजिल की और, सारी विपदा भी बौना पड़ जाए। चमन जो अपना कुछ फी read more >>
"माशूक़ा की- बांहों में जीवन है एक उत्सव"! "आशिक़ को हर- ये मंज़र लगता है एक उत्सव"! "महोब्बत ज़िंदगी- से हो ज़िंदगी है एक उत्सव"!! "वहां � read more >>
"आशिक़ ये देखा- महोब्बत उसे ख़ुदा से"! "मक़सद ज़िंदगी- महोब्बत उसे ख़ुदा से"! "मुसाफ़िरों मिलता- महोब्बत करने वालों को"!! "वो ख़ुदा- ए-म� read more >>
💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐 👌स्वतंत्रता सेनानी "भगतसिंह"👌 #प्रस्तुतकर्ता-सपनों का सौदागर......करण सिंह# 💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐👌 👌 👌भगत स� read more >>
अंग्रेजों की सब सहनी थी, आजादी कितनी मंहगी थी। जरा याद करो उन वीरों को जो देश की खातिर मरते थे, देश की आजादी खातिर छु read more >>
हर ख्वाहिश मेरी अधूरी ही रह गई जो सोचा था वह दिल में दब कर रह गई कितने अरमान , कितने सपने दिल में लिए हुए थी जाने कहां कौन से मोड़ पर आई� read more >>
मैं और मेरी तनहाई मेरे साथ रहती है भीड़ से कोसों दूर मेरी दुनियां बसती है दर्द में अकेले ही रो लेती हूं होठों को कभी -कभी गीतों से सजात read more >>
"ये करीबियां- अब अपनों से भी, अपना लगने लगी है"! "ये करीबियां- बेज़ार ज़िंदगी, में आशा ला रही है"! "ये खिलने- लगी है एक ज़िंदगी, मुरझाने read more >>
खवाबों को पुरा करना हे तो खुद को प्रबल करना होगा। एक अनछुआ-सा अहसास हे जो मन में उसे छूना होगा। देखा जो तुने कोई सपना रख उम्मीद कभी तो read more >>
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