1891,महू में हुआ जन्म एक ज्वाला का,
एक महान नायक और देश प्रेम की माला का,
पढ़ने का उसको मिला नही कोई भी अधिकार,
क्योंकि वो था एक अछूत और एक म� read more >>
धीरे धीरे ही सही हृदय में आग सी जल तो रही है,
धीरे धीरे ही सही किताबे पढ़ते हुए रात ढल तो रही है,
धीरे धीरे अब ये फसल गल तो रही है,
धीरे धीर read more >>
ख्यालो मे ,
वो बाते ,करती है । खुब
....हूँ...ह ...हूँ !
सामने आए , नजर चुरा के चलती है।
वला..... बहुत ...खुब
हाय! वला ...! !...2
वो दिवानी , मै ,महबूब.....
हाय ! read more >>
सर से पानी पाँव से बुखार, जल्दी से ले चल नदियाँ ओहि पार।दिल के डॉक्टर जोड़ेगे वही दिल से दिल कि तार, पता तो चले जग को किउ हुआ मै बिमार।सर स� read more >>
सर से पानी पाँव से बुखार, जल्दी से ले चल नदियाँ ओहि पार।दिल के डॉक्टर जोड़ेगे वही दिल से दिल कि तार, पता तो चले जग को किउ हुआ मै बिमार।सर स� read more >>
मन सोचता है तन नोचता है, दिल कहता है संभल जा यारो । अभी बात अधूरी है मुलाकात अधूरी है, अपनो से मिलने वाली सौगात अधूरी है।कलियों के आगे भव� read more >>
शराफत को ,
जेब मे, रख के ,थोडे़ से क्या ?
हमने, नरम , लहजे मैं बात कर ली ।
अन्दाज़ ,बदल गए ।
शहर के , निकम्मों के भी
जो कभी हमें हुँजूर कह के
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