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रहमत ए खुदा की मेहरबां हुई करने हकीकत ये ख्वाब आई है द्वीप सजा दूं अंगना अपने गली मेरे महताब आईं है ❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️ रुप उ� read more >>
फिर,सुबहाँ सहेली बन जाती है। दिन,मस्ती , रात एक पहेली, बन जाती है। स्वपन, मे आती है । कोई एक राजकुमारी, दुर समुद्र पार, किनारा दिखाती ह� read more >>
मैं बेसब्री से रात का इंतजार करता हू, दिन से ज्यादा रात से प्यार करता हू, रात के प्रति अपने प्यार का इजहार करता हूं, रात का इंतजार मैं बा read more >>
1891,महू में हुआ जन्म एक ज्वाला का, एक महान नायक और देश प्रेम की माला का, पढ़ने का उसको मिला नही कोई भी अधिकार, क्योंकि वो था एक अछूत और एक म� read more >>
धीरे धीरे ही सही हृदय में आग सी जल तो रही है, धीरे धीरे ही सही किताबे पढ़ते हुए रात ढल तो रही है, धीरे धीरे अब ये फसल गल तो रही है, धीरे धीर read more >>
नेह में डूब कर पार आना ही था इन फूलों का कोई दीवाना भी था ओस के बूंद से नहा न सके थे आंसू गिरते हुए अब दिखाना ही था। सुधा चौधरी बस्ती उत� read more >>
एक छोटे से शहर के एक सरकारी दफ्तर में एक कोने में एक बेंच पर एक 60वर्षीय बूढ़ा व्यक्ति रामलाल किसी चिंता में ध्यानमग्न सा बैठा था। उसके � read more >>
अक्षर सारे व्यर्थ निकले पंक्तियों में जब उनके अर्थ निकाले शान समझ संजोया जीन रिश्तों को वह भी एक ख़ुदग़र्ज़ निकले हम क्या जाने कौन read more >>
याद जब भी वो हमको आए हैं आंखों से आंसू रोक ना पाए हैं ऐसी भी क्या गुस्ताख़ी हो गई थी हमसे जो सजा पाए हैं जन्मों का रिश्ता एक पल में ठुक� read more >>
क्यों देखते ही तुझको ऐ दिल धड़कने लगा हम चाहते हैं तुझको इस हद तक पता ना था मन में जो थी बंदिश वो पर खोलने लगा अब रोकना भी चाहूं रुक ना स read more >>
हाय ! तेरी याद का .....2 मेरे सपनो कैसा नाता ।।....2 दिल.....हुँ। हुँ.......? बेचेन हो कर, है तूझे फिर बुलाता हाय ! तेरी याद......! हर, पल । हाँ ,- ये ,पल-पल म� read more >>
ख्यालो मे , वो बाते ,करती है । खुब ....हूँ...ह ...हूँ ! सामने आए , नजर चुरा के चलती है। वला..... बहुत ...खुब हाय! वला ...! !...2 वो दिवानी , मै ,महबूब..... हाय ! read more >>
सर से पानी पाँव से बुखार, जल्दी से ले चल नदियाँ ओहि पार।दिल के डॉक्टर जोड़ेगे वही दिल से दिल कि तार, पता तो चले जग को किउ हुआ मै बिमार।सर स� read more >>
सर से पानी पाँव से बुखार, जल्दी से ले चल नदियाँ ओहि पार।दिल के डॉक्टर जोड़ेगे वही दिल से दिल कि तार, पता तो चले जग को किउ हुआ मै बिमार।सर स� read more >>
मन सोचता है तन नोचता है, दिल कहता है संभल जा यारो । अभी बात अधूरी है मुलाकात अधूरी है, अपनो से मिलने वाली सौगात अधूरी है।कलियों के आगे भव� read more >>
उपन्यास                विजय बहादुर                   भाग - 1         अजीब प्रश्न और मोनिका का किस्सा   चारों और से सुंदर काननो से घिरा हुआ एक बहुत ही � read more >>
उपन्यास                  विजय बहादुर                        भाग -2       अनजान लड़की और आदमखोर "वाह विजय बाबू मान गए तुम्हे,क्या भूतिया कहानी सुन� read more >>
हमारे देश की मानसिकता की कुछ ऐसी है जहां (Sanitary Pads) लेने जाओ तो समाज छुपा कर देती है, वही समाज शराब पीकर खुले आम नशा करती हैं ✍️! read more >>
तु मैंनू प्यार दे सोने यार वे। झूठी तेरी, सारी कहानी झूठा नही मेरा प्यार वे। झूठा हेे तु झूठा तेरा प्यार वे। झूठी तेरी बत्तिया ना उ� read more >>
उपन्यास       विजय बहादुर की जीवन गाथा                      भाग -3   कबीले में डाकू और अरहान का कहर उस लड़की ने एक और नज़र दौड़ाई और सिहर सी उठ read more >>
शराफत को , जेब मे, रख के ,थोडे़ से क्या ? हमने, नरम , लहजे मैं बात कर ली । अन्दाज़ ,बदल गए । शहर के , निकम्मों के भी जो कभी हमें हुँजूर कह के read more >>
कश्तियों की जरूरत है। किनारों के लिए वो हम-सफर है। वहीं तक, जहाँ तक । सफर है , उनका जब, रास्त बदलेगे । तो राही भी बदल जाएगे। read more >>
जज्बातों की कदर करने वाले महिला और पुरुषो को रोता हुआ देखा गया है खुशनसीब तो वह स्त्री और पुरुष है,जो दिलों को खिलौना समझकर कर खेल जाते read more >>
स्त्री तेरी कहानी बड़ी पुरानी, काम काज घर वार में सिमटने वाली, पढ़ लिखकर भी घर में रहने वाली, आगे बाहर ना निकलने वाली, घर परिवार की सेवा read more >>
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