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ना. देख ताज सिकन्दर का क़यामत के वक्त से यहाँ, हर कोई खोफ खाता है। । ये जलजलों की रातों का सिलसिला है। यहाँ अपना भाग्य हर कोई खुद लिख� read more >>
चलते-चलते- यूं ही ख़्याल आया, ये जीवन ये धरती ये आसमान चलती यह- किसकी शक्ति चले-चले, ये जीवन ये धरती ये आसमान चलती ये मौसम- ये बहारें य read more >>
हम दोनों नदियां के तीरे, मध्य हमारे अविरल धारा। अलग - अलग अपनी दुनिया पर, अनाद्यनंत रहे साथ हमारा।। -दिनेश कुमार कीर read more >>
नानी बाई रो मायरो नानी बाई ने (मायरा) भात भरने के लिए नरसी जी को बुलाया। नरसी जी के पास भात भरने के लिए कुछ नहीं था. वह निर्धन थे लेकिन भग� read more >>
आहों की सरगम कैसी है राहों की तड़पन कैसी है बिछुरी मुरली की धुन सुन कर यमुना की धड़कन कैसी है अब और सताओ ना यूंँ छोड़ के जाओ ना बाहों म� read more >>
बिना एक पल तेरेभी,खालीपन सा लगता है मेरे अब वक्त भी बेवक्त सा लगता है read more >>
चलते-चलते ख़्याल आया- जीवन को बाहर नहीं अंदर खोजना चलते-चलते ख़्याल आया- यह सफ़र रूहानी है अंदर खोजना एक सांस अंदर- एक सांस बाहर आन� read more >>
प्रभात गीत रैना बीती भोर हुआ फिर अलसाये क्यों सोते हो इतना सुंदर सुबह सवेरा सो सो कर क्यों खोते हो। जीवन की यह डगर दूर है चलना अभी read more >>
भले ही बस गये है रोटी के लिए शहर, गांव क्या है ये हम भूले नहीं है। बंद कोठरी में हम बेमन रहते यहाँ , घर का खुला आँगन हम भूले नहीं है। read more >>
चाहत ,ये मेरी झूठ बनी है। मुहोबत ,ये मैंरी झूठ बनी है। सरेआम, बदनाम हुई है। सरेआम चाहत मेरी.... आखो के आसू से , मेने दिल के पैगाम लखे ह read more >>
भाव का भूखा  एक अमीर आदमी बहुत ही संकट में था । उसे लाखों - करोड़ों का नुकसान जो हुआ था, और सारी जीवन की कमाई डूबने के करीब थी ! जीवन की नाव � read more >>
कितना सुन्दर है । ये लम्हाँ सासों मे मेरी ,महक के गुल खिले तेरी बाहों मे कितने साँवन चले । मुहोबत की रोहो मे दिवान जले। तेरी....... read more >>
टीप :- वास्तविक मुद्द्यवर एक काल्पनिक नाट्य रुपी वाद विवाद अध्यक्ष = सुरुवात विपक्ष नेते 1 यांच्या पासून करू विपक्ष 1 (� read more >>
मिलो की दूरी उपस्तिथि तुम्हारी सर्वस्व तो समर्पित कर दिया है प्रेम में अब इस नश्वर तन का क्या मोल भला प्रेम में तन का मिलन तो औपचारि read more >>
प्रेम का स्थान रिक्त रखूंगी ना मांगूंगी कभी स्थान रुक्मणि का, ना हृदय में राधा बनकर रहूंगी, मै बनुगी तुम्हारे प्रेम में बस मीरा , सर� read more >>
अलविदा दोस्त ऐ दोस्त क्या बताऊ में तुझे जो तू था वो अब तू रहा नहीं, जो तू हे वो मुझे मंजूर नहीं, जो तो था वो तू अब दुबारा बन नहीं सकता, जो � read more >>
विश्वास की पक्की डोर जिसे हम प्रेम समझने की भूल कर बैठे थे दरसल वो तो किसी और के लिए महज वक्त गुजारने का जरिया भर था क्यों सही कहा ना ? read more >>
गर दिल की भी कोई जुबां होती..... तो शायद यह दुनियां न यूं इतनी परेशाँ होती... न कोई लवों को खोलता न कोई मुख से कुछ बोलता बस आंखों -आंखों से ही read more >>
दिल की भी जुबां होती गर दिल की भी कोई जुबां होती..... तो शायद यह दुनियां न यूं इतनी परेशाँ होती... न कोई लवों को खोलता न कोई मुख से कुछ बोलता read more >>
उत्कृष्ट प्रेम जब प्रेमी, प्रेमिकाएं प्रेम में पड़ते है तो बहुत  अद्भुत अनुभूति होती है। किंतु जब प्रेम में  बिछड़ते है तो अत्यंत पी� read more >>
छलित एहसास मैं अक्सर ही रातों को चौक कर गहरी निंद्रा से जाग जाती हूं और मन में शुरू हो जाता है एक अंतर्द्वंद उस क्षण मैं सोचती हूं की � read more >>
सुंदरता सस्ती है, 'चरित्र' महंगा है घड़ी सस्ती है, 'समय' महंगा है शरीर सस्ता है, 'जीवन' महंगा है रिश्ता सस्ता है, लेकिन 'निभाना' महंगा है!!! read more >>
प्रिया और अनुज दोनों एक - दूसरे से बहुत प्यार करते थें और दोनों के घरवाले भी उनके इस रिश्ते को मंजूरी दे दी थी उन्होंने तो उन दोनों की रि� read more >>
अक्सर तन्हाई में तुझे याद करके रोते हैं हम कैसे बताए तुझको सनम आहें कितना भरते हैं हम निगाहें पागल मेरी तुझे ही ढूंढ़ती है तू नहीं आ read more >>
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