तेरे नाम पर बिती ये आधी जिंदगी
अब तो आजा वे,मुजपर छा जा वे
आजा वे आजा आजा आजा
तेरी हि परछाई हैं,,
कुच्छ ही दिन के है महमान
तेरी मेहरबानी � read more >>
कभी कभी लगता है की अपनी किस्मत दो रुपए की उस लिखो फिको पेन की तरह हो गई है
जब तक स्याही है तब तक उस पेन का वजूद है , स्याही खत्म पेन का वजू� read more >>
तुम खुस रहो साथ मेरे , इस लिए में कड़ी मेहनत करता रहा
तुझे कोई कमी ना हो, इस लिए मैं रातों की नींद को भूल के पूरी पूरी रात जाग कर काम करता � read more >>
तुमसे मिल के आज पता चल गया की
जब किसी लड़की को पता चल जाए की
उस का चाहने वाला उस के बैगर एक पल
चैन से रह नहीं सकता
तो उसे वो लड़की कभी भी � read more >>
आदमी बना... है, शर्म बेशर्म
फूटी है किस्मत ना सच्चे कर्म|
दौलत के आगे प्यार भुलाए|
अपनों से रिश्ता पैसा छुड़ाए||1||
रिश्तेदारों को देख करत� read more >>