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तुम कहाँ से आए हो तुम कहाँ को जाओगे अन्न यहाँ का खाओगे तो गुण यही के गाओगे भूलना मत ये हिन्दुस्तान है। कब्रो पर तुम फूल चढाओ या करो त read more >>
आगे बढ़ने के लिए हमे बहरा बनना पढ़ेगा यदि जीवन में कामयाब होना है तो हमे कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा हमें समस्याओं से डर कर नही� read more >>
जिसको पाकर खुद को जाना मुमकिन है क्या उसे भुलाना। निद्रा गहरी ख्वाब सुनहरे, उसका रहता आना जाना। पर निकले तो उड़ गये पंक्षी, छोड़ के अ read more >>
कभी हम भी..... एक अजनबी इंसान से मिले थे। दिल आज भी उसकी सर्दियां महसूस करता है । मोहब्बत तो एक मुकद्दर है....... अपनी चाहत से यह लिखावट नहीं � read more >>
संसार सारा जीत कर जाना है, जिंदगी में यह कर्म कर जाना है, इस होड़ जन मानस उलझा-ए-मुसाफिर... मुझे मन माया जीत कर जाना है,, -मोती read more >>
सुगंध नहीं सुंदरता में तो उस सुमन की कीमत क्या ? प्रेम नहीं मानवता में तो उस हृदय की कीमत क्या ? हरियाली नई हरे हृदय तो उस बाग की कीमत क्� read more >>
अगस्त 1992 का हर दिन एक इंतज़ार था। दसवी बोर्ड का रिजल्ट जो आनेवाला था।बिहार बोर्ड की दसवी परीक्षा पास करना,जिसे मैट्रिक की परीक्षा कहा � read more >>
सुबह सुबह निकल पड़ते है। दिन ढलने पर आते है। बढ़ते तापो मे इतनी गर्मी में कहाँ वो जाते हो� read more >>
क्यों हुँ? मैं लाचार ये उठा मन में विचार कर सकता हुँ बहुत कुछ पर मज़बूरी है। मुझ पर सवार तैर सकता हुँ पर कहाँ है। मेरी पतवार क्यों हुँ read more >>
जब तक मौक़ा नहीं मिले, पहनें ईमानदारी का चोला। मौक़ा मिलते ही झोले से, निकले बम का गोला। काम सरे तो खूंटी टांग दें, ईमानदारी का झोला� read more >>
जब तक मौक़ा नहीं मिले, पहनें ईमानदारी का चोला। मौक़ा मिलते ही झोले से, निकले बम का गोला। काम सरे तो खूंटी टांग दें, ईमानदारी का झोला� read more >>
मित्रता बड़ा अनमोल रतन है, इसमें खत्म सारा चिंतन है। पास न आए कोई दुख-दर्द, इसे सहने वाले मेरे मित्र हैं। जब मैं भटक गई कुमार्ग पर, तब � read more >>
कहां गई वो परिवारों की बातें कहां गई वो रिश्तेदारों के रिश्ते-नाते, बड़े कहां अब वैसा इज्जत पाते वो दिन कहां जब बच्चे पेड़ के पीछे छिप� read more >>
बच्चों का दिवस है आया, ढेर सारी शुभकामनाएं है लाया। नेहरू जी थे बड़े महान, सबने दिए इन्हें सम्मान। नेहरू जी का जन्म प्यारा, बाल दिवस � read more >>
मैं हूं अपने शिक्षक की आज्ञाकारी मैं हूं उनकी शिष्टाचारी, उन्होंने ही तो ज्ञान दिया मैं हूं उनकी बहुत आभारी। मैं हूं अपने पापा की प् read more >>
बात बड़ी छोटे मुह लेकिन ,जब के लोग विचारों। मुझ पर लदी किताबें अब मेरा बोझ उतारो। झरनों को तो जंगल में झरने की आजादी। पर मुझे नहीं म� read more >>
तुझे भूल गई रे ...... यारा, मैं तो दीवानी सोच के बैठी हूं। तुझे भूल गए रे.... यारा ,मेरे मैं तो दीवानी सोच के बैठे हूं । बाहें, तेरी बन गई थी मे read more >>
सखिया जब कहती होंगी याद उन्ही की आती होगी । उनसे मिलने को जी करता होगा पूछो तो हंस कर रह जाती होगी । फिर वो शर्मा read more >>
सखिया जब कहती होंगी याद उन्ही की आती होगी । उनसे मिलने को जी करता होगा पूछो तो हंस कर रह जाती होगी । फिर वो शर्मा read more >>
राष्ट्र निर्माता मजदूर आज मजबूर है,दर –दर की ठोकरे खाकर घर से दूर है | न रहने का आशियाना न घर का ठिकाना,सब कुछ सहकर भी परिवार से दूर है| read more >>
खुबसूरत सी है यादें तेरी जो हरपल दिल को सुकून दे जाती ख़ामोश है जुबां कहती हैं आंखें दुरियां भी तेरी करीब है लाती। read more >>
मेरा आत्मा प्रकृति में समाया - द्रुमों के मृदु - छाया , कुकू - कुकू कोयल बुलाया , तो कहीं विहंगिनी ने - जीवन की अनमोल गीत सुनाया । छायावा read more >>
नजरेला नजर भिडवतां.! नजरेने नजर चुकवली… निघण्याचा निर्णय उत्तम.! परतीची वाट निवडली… सोडूनी मी हात तुझे , एकांताची साथ निवडली. पुन्ह� read more >>
किसान कहे या अन्नदाता भारत देश कृषि प्रधान देश है भारत देश की एक तिहाई आबादी कृषि करके अनाज पैदा कर देशवासियों के पेट की भूख की ज्वाला � read more >>
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