कहानी - एक सफ़र (यात्रा वृतांत)
एक रोज़ मैं अपनी सहेलियों के साथ किसी काम से बाहर गई थी, उस सफ़र में मुझे एक बुजुर्ग औरत मिली, वह काफी परे� read more >>
आज सता ले मुझे जितना,
में तुझे कुछ नहीं कंहुगा,
भर दे मेंरी आंखो में आंसू में चुप रहूंगा,
लेकिन याद रख तेरे पास भी आंखें है,
और जो दुसरो क read more >>
ख्वाब था तू मेरा और ख्वाब ही रह गया,
कोशिश तो बहुत की तुझे यह बताने की,
लेकिन अमीरी-गरीबी के बीच के फासले ने,
तुझे यह बताने ही न दिया।
काश read more >>
एक बात अधुरी थी जो में तुझे बता न पाया,
मुददत से इंतेजार में था,
तुझे यह अधुरी बात बताने को,
लेकिन में तुझे बता न पाया,
हर पल तड़पता रहा तु� read more >>
मेंने अपने वजूद से मोहब्बत कर ली,
क्यूंकि में यह जान गया हूँ,
की यहां कदम-कदम पर लोग धोखा देते है,
एक अपना वजूद है जो तुम्हे कभी धोखा नही� read more >>
नसमझ था में के जिंदगी का,
बड़ा तजुर्बा है मुझे,
लेकिन इतने लोगो को,
अलग-अलग तरीके से,
धोखे देते हुए देखा,
तब जाना अभी तो मेंने,
कुछ सीखा ह� read more >>