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तेरे से मेरा कल भी जवां। तेरे से मेरा आज़ भी जवां। उम्मीद तो दिल में हैं। इस उम्मीद से मेरी जिंदगी जवां। लौहे की जंजीरियां कहां? इराद� read more >>
तेरे से मेरा कल भी जवां। तेरे से मेरा आज़ भी जवां। उम्मीद तो दिल में हैं। इस उम्मीद से मेरी जिंदगी जवां। लौहे की जंजीरियां कहां? इराद� read more >>
सच अहम जरुरी है। इन्सान का मन-मनका , होना भी अहम जरुरी है। दोस्तों में दोस्त होना , अपने में सौ होना(आत्मनिर्भर), मेरे दोस्त! अहम जरुरी ह read more >>
सच अभी कहां सामने आऐ। जांच भी तो अधूरी है। बात भी तो अधूरी है। कहानी -सी ही शुरू होती है। लेकिन कहीं पर शुरूआत भी अधूरी है। सच अभी कहां � read more >>
कविता: 🏅 “खेल का दीप जलाओ” 🏆 मैदान बुला रहा है तुमको, आओ खेल दिखाओ, दिल में जोश, आँखों में सपना - आगे कदम बढ़ाओ। पसीने की हर बूँद यहाँ, मे� read more >>
कविता: 🏅 “ खेल का दीप जलाओ ” 🏆 मैदान बुला रहा है तुमको, आओ खेल दिखाओ, दिल में जोश, आँखों में सपना - आगे कदम बढ़ाओ। पसीने की हर बूँद यहाँ, म� read more >>
एहसास की कथनी बनी, जिंदगी। सच्चा,झूठा कहने को, जिंदगी। मासूमियत भी, दोस्त की मिसाल -सी बनी, जिंदगी। पहाड़ों में तो जिंदा है। इन्सान मे� read more >>
एक रिश्ता ही है। इन्सान की नियत और सच। अकेला भी अपना है, अकेले में भी अपना है। सच निर्दयी भी है। पर इन्सान की नियत का वजूद भी। एक रिश्त� read more >>
एक रिश्ता ही है। इन्सान की नियत और सच। अकेला भी अपना है, अकेले में भी अपना है। सच निर्दयी भी है। पर इन्सान की नियत का वजूद भी। एक रिश्त� read more >>
आज के युग का अजब नज़ारा, सबको मंज़िल चाहिए दोपहरा। ना ठहराव, ना कोई सब्र अब, हर दिल में बस जल्दी का सहरा। कदम-कदम पर जो ठोकर खाए, वो हार � read more >>
यमलोक में पहुंच एक इंसान सबसे पहले किया यमराज को प्रणाम यमराज हंसे और भोले कैसे हो भाई यहां आने की कैसे तकलीफ उठाई हाथ जोड़कर विन read more >>
एक दिन ओर जन्म -दिन.... सबकी विकल्प सोच में बदलने का एक खाश दिन। नियम तो नहीं, पर नयापन लाने की कोशिश भी। एक दिन ओर जन्म -दिन.... पर इसके वास� read more >>
मंचावरचा पडदा हळूहळू खाली आला. प्रेक्षकांच्या टाळ्यांचा गजर काही क्षणांसाठी गुंजला, आणि मग सगळीकडे शांतता पसरली. तो माणूस वृद्ध, शह� read more >>
एक सूरज था आसमान में, एक नगर तिन्दवारी में अब दोनों चमकेंगे अम्बर में, नगर रहेगा अंधियारी में न जाने क्यों अनायास भाग्य हमारा रूठ गया read more >>
"✍️निर्णय और समय - के.भारद्वाज" कल जो निर्णय था - वह तब सही था, भले ही आज उसके मायने बदल गए हों। आज जो ठाना है मन ने, वह अब सही है, भविष्य म� read more >>
जब देखते हैं आई सी यू के उस शांत वार्ड में कही सुनते हैं बीप की आवाज किसी को बीप की आवाज उम्मीद जागती है तो कभी किसी की दुनिया उजड़ जात� read more >>
सुमेरपुर नगर में सुखिया नाम का एक कुम्हार अपने छोटे से परिवार के साथ रहता था। उसका जीवन सादगी और परिश्रम से भरा हुआ था। हर सुबह वह मिट्� read more >>
" जुगनुओं ने शराब पी ली है.." (✍️तीखा व्यंग्य - के. भारद्वाज) जुगनुओं ने शराब पी ली है, अब ये सूरज को गाली देंगे, दो घूंट सत्ता की, तीन झूठ ता read more >>
जब ज़िन्दगी मुस्कुराना भूल जाती है, और उम्मीदों की लौ भी डगमगाने लगती है, तब समझो, वक्त तुम्हें परखने आया है, तेरी हिम्मत और तेरे इरादे read more >>
आज बच्चों की नई जिदद्। किसी नयी उमंग में जीने की ही तैयारी । लाड़ली -सी उनकी अदाएं जैसी हवा -सी भर दी गुब्बारी। लाड़ भी आता ही है। यूं � read more >>
आज बच्चों की नई जिदद्। किसी नयी उमंग में जीने की ही तैयारी । लाड़ली -सी उनकी अदाएं जैसी हवा -सी भर दी गुब्बारी। लाड़ भी आता ही है। यूं � read more >>
आज का युग अजीब सवाल पूछता है, बेटा कहता है — “आपने मेरे लिए क्या किया?” और माँ-बाप चुप हो जाते हैं, क्योंकि उनका उत्तर शब्दों में नहीं, ब� read more >>
अगर किसी वस्तु को बनाने की क्षमता तुम्हारे पास नहीं, तो उसे नुकसान पहुँचाने का हक भी तुम्हारे पास नहीं। क्योंकि जो बनाना नहीं जानता, � read more >>
“ਹੌਂਸਲੇ ਜਿੰਨਾ ਦੇ ਉਡਣ, ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਖੰਭਾਂ ਦੀ ਕੀ ਲੋੜ, ਮਿੱਠੇ ਬਣ ਕੇ ਠੱਗ ਜਾਂਦੇ, ਇੱਥੇ ਸਾਰੇ ਹੀ ਆ ਚੋਰ।” ✍️.... ਵੀਰਪਾਲ ਭੁੱਲਰ...🌺 read more >>
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