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मैं पुराने जमाने की दीवारों को करीब से देखा है बेशक रहते हैं नए जमाने के लोग पर आज भी वह पुराने जमाने की यादों को बखान करती है� read more >>
बात कड़वी हैं, पर सच हैं, झूठ की विजय, और सच परस्त हैं। ✍️🙂 read more >>
Loyalty my strengths, it's not my weakness 🤨💯 . read more >>
क्यों ख़्वाब से परेशान है? ज़िन्दगी! मासूम हक़ीक़त ने भी इसके दामन को चिर (काट-फाड) दिया। बहाने के दरमियान ये जो अपनों को खोजती। ज़िन� read more >>
क्यों ख़्वाब से परेशान है? ज़िन्दगी! मासूम हक़ीक़त ने भी इसके दामन को चिर (काट-फाड) दिया। बहाने के दरमियान ये जो अपनों को खोजती। ज़िन� read more >>
क्यों ख़्वाब से परेशान है? ज़िन्दगी! मासूम हक़ीक़त ने भी इसके दामन को चिर (काट-फाड) दिया। बहाने के दरमियान ये जो अपनों को खोजती। ज़िन� read more >>
हर दिल से, खुदा मांगता हूं। चिरागों से अपनों के पाने की, दुआ मांगता हूं। हर दिल से, खुदा मांगता हूं। करने की जिसने ख्वाहिश थी, मेरे घर read more >>
उम्मीद से कहता हूं आपको ज़िन्दगी खुदा है। सजाई समझ रहा हूं बस आपको। कर्म -कर्तवय अब भी अपने हैं। झूठे जो बस वो ख़्वाब है। कल से अकेला read more >>
आंसूओं -सी मेंहदी देखीं। मेरी नटखटी उम्मीदों को रंग देती। अब बचपन वाला मन है साथ हर खुशी झूमने के लिए अब मुझे मजबूर कहती। हर कल अपना � read more >>
आंसूओं -सी मेंहदी देखीं। मेरी नटखटी उम्मीदों को रंग देती। अब बचपन वाला मन है साथ हर खुशी झूमने के लिए अब मुझे मजबूर कहती। हर कल अपना � read more >>
ये कैसी मोहब्बत रही। हम ज़माने के काम करें शायद! बे-हद, सवालों की किताब बने। ये कैसी मोहब्बत रही। सामने परिवार बे-परवाह ज़िन्दगी साथ read more >>
ये कैसी मोहब्बत रही। हम ज़माने के काम करें शायद! बे-हद, सवालों की किताब बने। ये कैसी मोहब्बत रही। सामने परिवार बे-परवाह ज़िन्दगी साथ read more >>
ये कैसी मोहब्बत रही। हम ज़माने के काम करें शायद! बे-हद, सवालों की किताब बने। ये कैसी मोहब्बत रही। सामने परिवार बे-परवाह ज़िन्दगी साथ read more >>
ये कैसी मोहब्बत रही। हम ज़माने के काम करें शायद! बे-हद, सवालों की किताब बने। ये कैसी मोहब्बत रही। सामने परिवार बे-परवाह ज़िन्दगी साथ read more >>
क़ातिल और क़त्ल से शाम डर है हमें। सुबह भी ज़ालिम क़ातिल न हो जाए। इसलिए इस मिट्ठे पानी की अदा पर हम यकिन कर बैठेंगे। क़ातिल और क़त्ल read more >>
इतफाक से ज़िन्दगी में पहलू बने आप। सच से पहले भी सच के बाद। निशान न मिले मुझे वक्त से आज। इतफाक से ज़िन्दगी में पहलू बने आप। नाराज� read more >>
इतफाक से ज़िन्दगी में पहलू बने आप। सच से पहले भी सच के बाद। निशान न मिले मुझे वक्त से आज। इतफाक से ज़िन्दगी में पहलू बने आप। नाराज� read more >>
कोई ख़ुशी होती है। अपनों के बीच में ही अपने के होने की शुरुआत। अकेले से मन जाती ख़ुशी। हां,मनाई जाती सब के साथ। कोई ख़ुशी होती है। दि� read more >>
ख़याल-भर ने सवाल किया है आने वाले कल का। रह-गुजारे की ज़िन्दगी और नये पेड़ की जड़ का। राम सुन्दर पार्क वन है। बेरहम तो हम हैं। ख़्याल- read more >>
ख़याल-भर ने सवाल किया है आने वाले कल का। रह-गुजारे की ज़िन्दगी और नये पेड़ की जड़ का। राम सुन्दर पार्क वन है। बेरहम तो हम हैं। ख़्याल- read more >>
मेहनत न करूं , फिर तो पसीना नहीं आता । बिना पसीने के हवा में बैठ सकूं । आखिर कब- तक यूंही बैठ सकूंगा। मुझे ही नहीं, कोई दूसरे भी होंगे। ज� read more >>
मेहनत न करूं , फिर तो पसीना नहीं आता । बिना पसीने के हवा में बैठ सकूं । आखिर कब- तक यूंही बैठ सकूंगा। मुझे ही नहीं, कोई दूसरे भी होंगे। ज� read more >>
शुक्रिया करना आसान है। लगा जैसे सुनने वाला मेहमान है। यह ठीक ही होता है। बिना वजह शुक्रिया नहीं। करने वाले से नज़र नहीं आती। शुक्रि� read more >>
शुक्रिया करना आसान है। लगा जैसे सुनने वाला मेहमान है। यह ठीक ही होता है। बिना वजह शुक्रिया नहीं। करने वाले से नज़र नहीं आती। शुक्रि� read more >>
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