खुद को भी समेटा और अपनो की भी रखी खबर
कभी मुश्किल तो कभी आसान हुई डगर
अपनो के साथ कुछ मीठा तो कुछ खट्टा रहा सफर
पर ज़िंदगी से जो भी मुझे � read more >>
माँ की ख़ुशी कोई बाज़ार की चीज़ नहीं,
वो तो दिल के किसी कोने में रखी परछाई है,
जिसे छूना तो आसान नहीं,
पर महसूस हर सांस में की जाती है।
स� read more >>
"वाह... ओ रब्बा...
एक तुझे अपना माना था...
तू भी लोगों वाली कर गया...
एक तुझे सारी बातें बताई थीं...
और तू भी पल्ला झाड़ गया...
वाह ओ रब्बा...
तू भी ल read more >>
उसने मुझे ये कहा, उसने उसे ये कहा,
लोग यही कहते है, किसने किसे क्या कहा,
उसने मुझे तुम्हारे बारे में ये कहा,
उसने उसे तुम्हारे बारे में य� read more >>
जो बीत गया, वह सपना था,
जो आने वाला है, वह कल्पना है।
पर जो पल अभी तेरे संग है,
वही तेरी असली साधना है।
भविष्य की चिंता में उलझकर,
कई लोग आ read more >>