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दु:ख, एक अद्भुत चीज। नहीं लगती किसी को अजीज।। पर यह दुःख ही तो है, जो अपनों को करीब लाता है वास्तविक रिश्तों की पहचान करा जाता है दुःख � read more >>
ज़िद, छोटा सा शब्द पर ठान लो तो दुनिया हिला दे या सब कुछ मिट्टी में मिला दें सपनों को हकीकत का जामा पहनाती है ज़िद दुर्गम राहों को पार � read more >>
पेट ख़ातिर गाँव से शहर जाना पड़ता है । दर्द को भी हसकर छुपाना पड़ता है ।। जीवन के आधे सफर तक सबसे दूर रहता हूँ तब जाके गाँव मे खुशियो का ते� read more >>
जो उलजत है तुम्हे इश्क़ के सफीना में बैठने का। लगता है मर्ज़ फ़ैल चूका है इश्क़ के सफीना में डूबने का। लेखक आदर्श पाण्डेय read more >>
शहद के ज़िद मे ,जहर हो गया हूँ समंदर के ख़्वाब मे नहर हो गया हूँ तमाशा पे तमाशा होता रहा जिंदगी का अब मै जिंदगी से पुरा बेघर हो गया हूँ ल� read more >>
झुकी झुकी नजरों से कमाल कर गई दिल बहल रहा था वो बवाल कर गई एक ही नजरों मे वो इजहार कर गई दिल को पुरा पत्थर से मूरत बना गई लेखक आदर्श � read more >>
झुकी झुकी नजरों से कमाल कर गई दिल बहल रहा था वो बवाल कर गई एक ही नजरों मे वो इजहार कर गई दिल को पुरा पत्थर से मूरत बना गई लेखक आदर्श � read more >>
लेखक आदर्श पाण्डेय कविता - उम्मीद भरे रास्तो पे ,अब चलना है मुझको उम्मीद भरे रास्तो पे ,अब चलना है मुझको मन ,तन जोश के साथ ,अब चलना � read more >>
लेखक आदर्श पाण्डेय कविता - मै बनारसी पान मै बनारसी पान हो गया हूँ तुझे मालूम नहीं है मेरी जान तेरे इश्क की नई जुल्मो � read more >>
उसे प्यार की मेरे जिस्म पे, एक निशान चाहिए थी। मेरे होठो पर कटे हो ,उसके होठो से उसे प्यार की मेरे जिस्म पे ,यही निशान चाहिए थी ले� read more >>
ये ग़म भी हमसे जुदा है । ये मौसम भी हमशे खफा है ।। अब ख़्याल आए तो किसका आए। अब तो मुहब्बत भी हमशे जुदा है लेखक आदर्श पाण्डेय read more >>
लम्हा जब गुजरता है तब मौसम बदलता है याद आए या न आए दोस्तों का लेकिन दिल मे ख़्याल सब का उतरता है लेखक आदर्श पाण्डेय read more >>
आप की ख़त को ,आज पढ़ रहा हूँ। इतना लिखी हो ख़त ,,की सुबह-शाम पढ़ रहा हूँ।। इक़्श में बीते सुख-दुःख आज ख़त में पढ़ रहा हूँ। जो बीत था पल इक़्श का ,व� read more >>
जिनको ऊंची उड़ान भरनी हो, वे डोर के कटने और टूट जाने का भय नहीं पालते। उनके तो उत्साह के पंख लगे होते हैं और मंजिल पाने का जुनून भरा हो� read more >>
विवेकानंद के आदर्शों को जीने के लिए युवाओं में विवेक की आंख और आनंद से भरा हृदय जरूरी है। विवेक व्यवहार कुशल बनाता है और आनंद से ही तो read more >>
हे प्रभु! जिनका आप पर विश्वास है, उनका विश्वास टूटने मत दो। रहमत आप उन पर, इस समय थोड़ी ज्यादा कर दो। read more >>
ना जाने कौन सी हिमाकत की थी वक्त के साथ हमने, जिससे ऐसी नजाकत पेश की वक्त ने। आज वक्त, बेवक्त में ही काल बनकर आ रहा, इस धरा पर काले बादल स� read more >>
लोग मुझे जाने पहचाने ऐसी भावना के बजाय, लोग मेरे लिए कोई भ्रम ना पाले, ऐसी भावना रखना श्रेष्ठ है। read more >>
भारत के सच्चे सपूतो को सलाम, जो अपने वतन के लिए जान कुर्बान कर देते हैं, अपनी मातृभूमि की रक्षा करने के लिए सर कटवा देते हैं। read more >>
वो थोड़ा मुस्कुरा के चली गई उठाके अपनी पल्कों को सरमा के चली गई, दिल को नजरों से चुरा के चली गई, वो थोड़ा मुस्कुरा के चली गई/ धडकनों का � read more >>
मैं हूँ तुझ में कही तु आजमा के देख ले मैं होता नही कही में फेल ये तु आजमा के देख ले मैं हूँ तेरे कितने करीब तु खुद नजदीक आके देख ले मैं य read more >>
जान से भी प्यारा, सनम है हमारा। लड़ता बहुत है, ना समझे इशारा। दिल तो है करता, बता दूं मैं उसको। की हो ना सकेगा, तेरे बिन गुजारा। चांद से read more >>
"अरि ओ"...चल संभाले दामन अपना दाग तनिक न लगने पाये कुंठाओं से ग्रस्त मनुष्य तन को तेरे नोच न खाये गड़ी है आँखे आज अगर, तुझपे कुछ य� read more >>
दोस्तों साथियों----------- हम कहाँ चलें गए,तुम कहाँ चलें गए रास्ते क्यूँ बदल गए,मिलने को क्यूँ तरस गए । दोस्तों साथिय� read more >>
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