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अस्तित्व तो बूंद का भी होता है एक तिनका भी अपनी कहानी कहता है कीमत तो एक सेकंड की भी रही है एक बीज में भी तो संभावनाएं कम नहीं है पर यह � read more >>
हंसिये पर खड़ा हूं कहां जाऊं क्यों जाऊ इधर जाऊ की उधर जाऊ समझ में नहीं आ रहा है एक तरफ कुआं हैं तो एक तरफ है खाई कहां जाऊं बता ए जिन् read more >>
वक्त यूं ही गुजर रहा कुछ पता ही नहीं चल रहा ज़िन्दगी जी रहे हैं या ढ़ो रहे हैं जाग रहें हैं या खुली आंखों से सो रहे हैं कुछ पा भी रहे हैं read more >>
कुछ संकल्प नया, कुछ प्रकल्प नया तब अफसोस न होगा कि एक साल गया बीते साल कि कुछ गलतियां, या कुछ गलतफहमियां भुला दूं भीतर में जमीं वहमिया read more >>
गहरी अंधेरी रात के बाद, सुहानी भोर आती है जेष्ठ की तपिश के बाद, घटाएं घनघोर छाती हैं 'यह भी नहीं रहेगा' का भाव, दुःख का दुःख भुलाता है तू� read more >>
खो जाती हूँ मैं कभी-कभी गुज़रे दिनों के ख्यालो में ... क्या होता अगर जी रहे होते हम आज भी अंग्रेजो के ज़माने में ... चाबुक खाते, धूल फ़ाख्ते � read more >>
रह गई बंद अंधेरो मे न मिला रोशनी का चिराग कोई/ बुझ गई थी ढिभरी उसकी क्यो न आया जलाने कोई, उदास था मन जिसका वह थी बूढ़ी चन्दा, रह गई बंद अ� read more >>
प्रिय शाली जी दिन आपके ख्याल में गुजर जाता है, ख्याल इस तरह बढ़ जाता है कि हर आईने में आपका चहरा ही नजर आता है// read more >>
भारत के वीर जवानों को, करते हैं नमनः, शहीद हुए जो आजादी के लिए, हौसला था उनका दबंग। read more >>
यह रूप मेरा है ऐसा प्रिय तुम्हें दिखा न् सकती हूँ। मेरे मन की पीड़ा प्रिय मैं तुम्हें सुना न् सकती हूँ।। फीके पड़ गए रंग मेंहदी के इसे read more >>
धान उगेंगे मेघ गरजेंगे देखना गगन तुम जरूर/ बादलो को सूरज से पिघलाएंगे खेतो को पानी से नहलाएंगे, धान उगेंगे मेघ गरजेंगे देखना गगन तु read more >>
कर निर्माण नीड़ो का और कहीं/ पतझड़ का मोसम जो बीत गया, पत्तों का रंग तो सूख गया, अंधेरों का कल में सोर नहीं, कर निर्माण नीड़ो � read more >>
गम को भूलाने की बहाने बहुत की ---2 आलम में मुस्कुराना है , दामन में काटें को खिला के ---2 होठों में गुलशन को खिलाया हूँ , बहाने की बहुत तुझे भ� read more >>
किसे सुनाऊँ दास्ताँ ग़म की ---2 आज भी रुला जाती है , रवानी शाम की --- कहकशाँ सी धुंधली सूरत ---2 जहाँ में तुम आफ़ताब ईद का , बेताब है दिन , बेचैन रा� read more >>
तेरे नाम से इस कदर रोया आज ---2 तुम रुह हो मेरी -- मैं जिस्म हूँ तेरी , तुम बिन कैसे जीऊँगा , लौट के आ जाओ ---2 तुम बिन अधूरा हर साज़ , करो दास्ताँ � read more >>
मनुष्य कई गुणों की खान। मानव के जीवन में, चरित्र मूल्यवान्। धन लुटा, कुछ नहीं लुटा, समय लुटा, तो लुटा कुछ। चरित्र लुटा, सब कुछ लुटा, मनुष read more >>
पराक्रम दिवस है आज पराक्रमी की याद में, सारे शब्द बोने हैं तेरी महिमा के नाद में। ग्यारह बार जेल गए थे, फिर भी आजाद हिंद फौज के नेता थे� read more >>
https://youtube.com/shorts/rJIbQX7PLO4?feature=share read more >>
यह रूप मेरा है ऐसा प्रिय तुम्हें दिखा न् सकती हूँ। मेरे मन की पीड़ा प्रिय मैं तुम्हें सुना न् सकती हूँ।। फीके पड़ गए रंग मेंहदी के इसे स� read more >>
है तृप्त वेदना भारत कि, कल - कल, कल - कल रत्नेश बहे! यहां धरा के र्जर्रें - र्जर्रें में, मातृ प्रेम का धार बहे!! रस भर जाता हैं कवी � read more >>
बहुत दिनों जो थें परतंत्र , लड़ी लड़ाई हुएं स्वतंत्र , लागू हुआ है तब जनतंत्र , भारत बना‌ है अब गणतंत्र। इस शुभ दिन की चाह में , देशभक्� read more >>
बेटी पूछे मां बापू से, मैंने कौनसा पाप किया। दुनिया देखन से पहले ही, क्यों मुझे कोख में मार दिया। राखी बांधूंगी भैया को, संग उनके पड़� read more >>
तीन रंग का प्यारा झण्डा मेरे मन को भाये कसम है भारत माँ की आँच न इसको आए भारत की है जान तिरंगा हमारी है पहचान तिरंगा हम सब की है शा� read more >>
पिली साड़ी बाली नखरे खूब दिखाती हैं सारि सारि रात जगाती हैं अपने हुस्न के जादू से मुझपे रौब खूब जमाती हैं पिली साड़ी बाली थोड़ी नखरेल read more >>
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