काश! समंदर के बीच कहीं खो जाता,
ना किनारे की उम्मीद ना मंजिल की,
बस लहरें जहां ले जाए वही चलता जाता,
आश जैसे खत्म हो गई, वैसी ये घड़ी आई है , read more >>
बस लब्ज है!!
दुख इतना है कि शायर बन गया,
दर्द इतना है कि घायल बन गया,
गुम हूं कहीं,
ठोकर खा, भटकता सा पागल बन गया,
कहां मैं उसके लायक बनने च� read more >>
खिलौनों से खेलने वाला इंसान,
खिलौने की तरह बन गया है,
तूने खुद को समझाया ही नहीं,
सच है ये कि खिलौना बेजान है,
अभी भी जाग जा तू इंसान हैं,
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मतदाता दिवस सब को हो बधाई -
डा, अंबेडकर के कड़ी मेहनत ने रंग लाई ,
उस ने समानता सब को दिलाई ,
अपना मीर चुनने का अधिकार दिलाई ;
चुनों ऐसा मीर � read more >>
मतदाता दिवस सब को हो बधाई ,
डा, अंबेडकर के कड़ी मेहनत रंग लाई ,
उस ने समानता सब को दिलाई ,
अपना मीर चुनने का अधिकार दिलाई ;
चुनों ऐसा मीर जो � read more >>
संविधान की रक्षा हेतु ,हमें सजग हो जाना है |
देश की नई युवा पीढ़ी को, एकजुट हो जाना है ||
जाति धर्म के भेदभाव को ,जड़ से हमें मिटाना है |
राष्ट� read more >>
त्यागो व्यर्थ की क्रांति।
बोलो ओम् शांति, ओम् शांति, ओम् शांति।
एक सोम है, एक भानु है, एक व्योम साकार।
एक धरा है, एक वात है, एक ही सृष्टि क read more >>
बेटी बनकर आई हूं मां बाप के जीवन में,
कल बसेरा होगा मेरा किसी और के आंगन में।
यही रीत हर बेटी को सिखाई जाती है,
कि हर पहलू तेरे जीवन का बस� read more >>