संमुदर पायाब हो गये और नदियाँ उफान पर है
पर अभी तक उसका नाम मेरी जबान पर है
उसने अपने तरकस के सारे तीर छोड़ दिये मुझ पर
पर मेरे तीर � read more >>
करते रहे हम शिकवा,
खुद से ही अपनी लेकिन ।
अफसोस जवाने से दर्द,
हम और छिपा ना पाए ।।
अब तक छिपा रखा था,
जिस दर्द को सीने पे ।
उस दर्द को स� read more >>
ख्वाइशों से बढकर जो मिले
उसका कोई किनारा नही होता।
चाहे सपना कुछ भी हो
जो हकीकत मे हमें ना मिले
वो हमारा नही होता।
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कभी वा� read more >>
किसी को नाम, किसी को लाभ, कोई मरा गुमनाम।
किसी पर पूरा देश रोया, किसी पर मचा गिद्ध क़ोहराम।
बंटे बताशे, फला-फूला, मिटा नींव बन जाने को।
आ� read more >>