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क्यों उम्मीद रखते हो किसी दूसरे से जबकि तुम खुद ही अपनी आखरी उम्मीद हो। read more >>
जब जब लोगों से उम्मीद पैदा होती रहती है भला होने की तबतक विश्वास खत्म होती चली जाती है। read more >>
अभी वक्त है तो नमाज नहीं पढ़ते हो लेकिन जब मौत आजाएगी तो जैसे जानवरों पर अपना हुक्म चला कर काट देते हो वैसे ही तुम्हारी हाल हो जायेगी। read more >>
अभी वक्त है तो नमाज नहीं पढ़ते हो।लेकिन जब मौत आजाएगी तो जैसे जानवरों पर अपना हुक्म चला कर काट देते हो वैसे ही तुम्हारी हाल हो जायेगी। read more >>
एक माता पिता ने शादी में बेटी दे दी।लेकिन समाज के कुछ बे शर्म लोग लड़की देखने के बहाने दहेज देखने आयेंगे। read more >>
तुम अपने आप से अच्छा होने की उम्मीद रखो क्योंकि उम्मीद तो किसी से नहीं मिल पाएगी।लेकिन टांग खींचने के लिए साड़ी दुनिया पीछे पड़ जाय� read more >>
तुम सरकार को दोष दे रहे हो तुम्हारे अंदर खुद काबिलियत नही है नौकरी लेने की। read more >>
तुम्हें हद से ज्यादा जिससे उम्मेद होती है बही लोग तुम्हारी ख्वाहिशों की जनाजा निकलेंगे। read more >>
मेरे सर पर भी मोहब्बत का ताज होता मेरी चाहत पर सबको नाज होता तुम सिर्फ मेरे हो काश ये तुम्हारा अल्फाज होता ........ मुस्ताक अली शायर..... read more >>
मोहब्बत किस्मत वालों को मिलती हैं ये वो कली हैं जो बहोत मुश्किल से खिलती हैं ...... मुस्ताक अली शायर...... read more >>
कब तक करूंगी मैं आपका इंतजार सब्र मेरे दिल का टूटे सनम हर एकबार। धन्यवाद read more >>
।। कलियुग का अंत ।।. #सपनों का सौदागर...... करण सिंह* कलिमल ग्रसे धर्म सब लुप्त भए सदग्रंथ। दंभिन्ह निज मति कल्पि करि प्रगट किए बहु पंथ। read more >>
इस बड़े शहर की भीड़ तूँ ,मेरे अधूरे ख़यालों की रीढ़ तू कभी सूखे में गिरी बारिश तूँ , तों कभी ख़ाली हवेली की वारिश तू कभी पहाड़ों की ठंडी read more >>
इस बड़े शहर की भीड़ तूँ ,मेरे अधूरे ख़यालों की रीढ़ तू कभी सूखे में गिरी बारिश तूँ , तों कभी ख़ाली हवेली की वारिश तू कभी पहाड़ों की ठंडी read more >>
एक क्रिएटिव ब्लॉगर हमेशा कुछ नयापन के साथ ही अपना लेखन करता है।यही एक अच्छे ब्लॉगर की पहचान भी है।घूमते फिरते कुछ लिखते समय कुछ टिप्स read more >>
कविता = ( दरकार ) निष्काम सेवा से नहीं चलता परिवार ! पेट को रोटियों की है दरकार !! खाली ख़ज़ाना नहीं चलती सरकार ! भूखे पेट भजन कैसे होए मेर� read more >>
कविता = ( उदर कुंड ) उदर कुंड में क्यों धधकाई ! भूख की यह प्रचंड ज्वाला ! सब कुछ हुआ सुहा मेरा ! किस -‌ किस का दूं हवाला ! बस कश्मकश रोटी की ! read more >>
तबतक प्रयास करते रहो जबतक तुम्हारी जान।जान देने वाले के करीब न पहुंच जाए। read more >>
तुम्हारे दिल में जो आग लगी हुई है उसे बुझाने का काम तुम खुद ही करो यार।लोग तो तुम्हें सिर्फ जलाएंगे बुझाएंगे नही। read more >>
तुम्हारी मोहब्बत लोगों के अंदर तभी तक कायम है जबतक उसकी ख्वाहिश पूरी नहीं हो जाती है। लेकिन जब ख्वाहिश पूरी हो जायेगी तो तुम्हारी म� read more >>
लोग सिर्फ तुम्हें प्रवचन देंगे लेकिन तुम्हें काबिल बनने कोई नही देगा।तुम्हें खुद ही अपनी काबिलियत हासिल करनी होगी। read more >>
मोहब्बत कुछ वक्त तक ही तुम्हें खुशी देगी।लेकिन उसके बदले तुम्हें सारी जिंदगी अफसोस कर के कर्ज उतारनी पड़ेगी। read more >>
क्या मोहब्बत है यार लोगों की जरूरत खत्म होते ही तुम्हारी पहचान मिटा दी जाएगी। read more >>
बहुत अजीब लोग है यहां ब्रांड Black Color ही पसंद करते है।लेकिन मोहब्बत Black लोग से नहीं गोरे लोग से ही करेंगे। read more >>
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