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कुछ काम करो, कुछ काम करो जग में रह कर कुछ नाम करो यह जन्म हुआ किस अर्थ अहो समझो जिसमें यह व्यर्थ न हो कुछ तो उपयुक्त करो तन को नर हो, न निर read more >>
अपने लिए तो हर कोई जीता औरों के लिए तो जी के देखो। अमृत की इच्छा तो हर कोई करता औरों को एक घूँट पिलाके तो देखो। खड़ा हिमालय बाहें फैलाए read more >>
★★★★★★☆★★★★★★★★★★★★★ 👏*मंदिर जाना जरूरी है*👏 💐प्रस्तुतकर्ता-सपनों का सौदागर.....करण सिंह💐 ★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★ *1.पहला कारण-----:* म� read more >>
तर्ज़=>सरकी सर जो धीरे धीरे,मे पागल हुआ रे में धीरे धीरे टेक=>ला ला ला ला निकली जो घर से धीरे धीरे,छुप गया रे वो तो धीरे धीरे ये गुजरिआ... � read more >>
याद तुम्हारी म मुझको आ गया, प्यार अब मुझको निभाना आ गया। बात लब पर यार तेरे ही रहे, यार मुझको दिल लगाना आ गया। याद में मैं आज कल दिन रा� read more >>
होना भी तो चाहिए,पड़ा जेब में नोट। सब ही इच्छा पूर्ण हो, करूं खुशी से वोट। फिर तो सबका साथ हो,मिलती विजय हजार_ देवलोक है तब धरा, रहे नहीं read more >>
मन में रखिए आप सब, सुन्दर सुन्दर ख्याल। तभी मिलेंगें हर खुशी, ठीक रहे तब काल।। ठीक रहे जब काल नित,मिलता है उपहार। खुशियां ही खुशियां रह read more >>
क्या क्या अभिनय कर रहा, इनके रूप हजार। रखवाला का साथ है, बेशुमार है प्यार।। क्या क्या अभिनय कर रहा,जग का पालनहार। नाश झूठ का है सदा, चा read more >>
तर्ज=>साथी कोई भूला याद आया जिसने खुद जाग के,हम सबको सुलाया! आज उनके लिए दिल भर आया!! उन्हें बार बार नमन है,जिसने वो लाल जाया! read more >>
उदय चाह अधिनस्त्त ज्ञान, उम्मिदें बल बन जात्ता हैं! शीक्क्षा बिन सार अधुरा हैं, शीक्क्षा सम्मान दिलात्ता हैं!! अचल चाह अवि� read more >>
★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★ *प्रेरणास्पद कथायें..✍🏻* *"एक गिलास पानी"* 💐सपनों का सौदागर......करण सिंह💐 ★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★ *सरकारी � read more >>
तर्ज=> शीशे का था दिल मेरा हाय,पत्थर का जमाना था दिल टूट गया जिनका हाथ में हाथ था हाय,मुझे कुछ सिखाना था साथ टूट गया! (नाम) तुमने भला ह� read more >>
कहानी- "अनोखा बैर" लेखक- जितेन्द्र शर्मा ●●● गोवर्धन चौधरी और बालकिशन मिश्र एक दूसरे के जन्मजात पड़ोसी थे। एक दूसरे के सुख-दुख में read more >>
श्रम का प्रकाश था मनुष्य का अहंकार था इस धुंध जगत में श्रम का आलोक था काल बीत जाएंगे जन उदीसी रह जाएंगे फुर्सत को किसी ने नहीं पहचाना read more >>
पत्थरों की सिने से कभी नदी भी बहती है सुना तो था, लेकिन यहां तो कोमल भी कातिल और पत्थर से भी कठिन हमें इन्सान नजर आते हैं। read more >>
कहीं दीया जले कहीं दिल इए तो अपनी अपनी किस्मत है, खुदा जाने कब क्या हो यहां यहां तो वस उनकी ही रहमत है । read more >>
तुम्हे चाहा है इस कदर के किसी और की चाहत न होगी , भले तुम हमसे नाराज़ भी रहो मोहब्बत की उम्मीद बस तुमसे ही होगी। read more >>
यादें तुम्हारी खुशबू बिखरे तन्हाई की हर आलम में, भुल गए तुम हम न भूलें के तुम हो सामिल हरपल हमारी सासों में read more >>
तर्ज=>झिलमिल सितारों का आॕगन होगा प्रभु के खेल में गिलरिया होगी! प्रभु की जो लीला में पथरिया होगी!! ऐसी सुन्दर दिखने की नजरिया होगी!! read more >>
तर्ज=>झिलमिल सितारों का आॕगन होगा प्रभु के खेल में गिलरिया होगी! प्रभु की जो लीला में पथरिया होगी!! ऐसी सुन्दर दिखने की नजरिया होगी!! read more >>
खुश नहीं ,बेख़ौफ है । ये अभी जिंदगीं, की उडानों मैं इसे मिला है। अभी तो खुला आसमान अभी रखे कहाँ है। पाव जमीं पे देखे है ख्वाब अभी तो ।� read more >>
एक नजर जो पड़ी उन पर तो ये नजर भी रुक गयी । उसने एक बात तलक न बोली पर दिल में डायरी छप गयी। वो दिखाना चाहते थे हमे अपना गुस्से से लाल चेहरा � read more >>
मानव तन के दो रूप, प्रथम देह का- अंत। दूजा है प्राण- अनंत, पल दो पल का साथ।। मानव देह गुण अनेक, स्वयं का ज्ञान मूल। अंत से अविनाशी तक, वि� read more >>
किस बात का नया साल मना लूं क्या छोड़ो बुझते दीपकओ को और नया दीप जला लूं मुझे तो इस धरती अंबर जलवायु में कोई फर्क नहीं दिखता दिखता तो म� read more >>
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