आया सावन झूम के, निर्मल हो बरसात।
कोयल गाती गीत है, मधुर मिलन की रात।।
आया सावन झूम के, बादल गरजे घोर।
पवन मस्त है रूप में, नई लगी है भोर� read more >>
कविता = ( मैं नहीं मानता )
झूठी तारीफ़ों के पुल !
मैं नहीं बाँधता !
पत्थरों को ख़ुदा !
मैं नहीं मानता !
कर्म का लेखा लिखना मुझे !
हाथों पर भ� read more >>
दुख का साथी कौन है, सुख में तो सब साथ।
रहते हरदम हैं मजे, रहे कांत में माथ।।
दुख का साथी कौन है, पल पल लब पर राम।
सुख में साथी हैं सभी, दुख � read more >>
दिनाक→ (07/12/2022) बुधवार, शायरी→ जलने वालों को अलविदा ही ठीक हैं।
शायार→ मोहम्मद फैजान सिद्धिकी'' पिता-रईस अहमद सिद्धिकी''
अजी जानाब ह� read more >>