Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
जो कमीज के बीच फटी बनियान छुपा देता है वो पिता होता है जो अपने आसुओ को आँखो से बाहर नहीं आने देता वो पिता होता है वो अपन read more >>
आसमाँ में चाँद आधा रह गया। वो भी तन्हा मैं भी तन्हा रह गया।। मुफ़लिसी में छोड़ सब मुझको चले। साथ यादों का फ़साना रह गया।। बेसबब चलता रह� read more >>
छिप-छिप अश्रु बहाने वालों, मोती व्यर्थ बहाने वालों कुछ सपनों के मर जाने से, जीवन नहीं मरा करता है। सपना क्या है, नयन सेज पर सोया हुआ आँ� read more >>
इतनी बड़ी दुनिया में, जो कुछ भी दृश्यमान है, मुझे नहीं लगता, माँ से अधिक कोई बलवान है! फटे हुए कमीज पर, जो परिवार की ख्वाहिशे पूरी करें, read more >>
कहाँ इतनी समझ जो, दोस्ती में गुणवान देखा , बस बुरे का एक ऐहसान देखा, आचरण उड़ गया बीड़ी का धुआँ बनके अमृत की तरह मैंने दोस्ती को समझा क read more >>
जब भारत आज़ाद हुआ था। आजादी का राज हुआ था वीरों ने कुरबानी दी थी तब भारत आज़ाद हुआ था भगत सिंह ने फांसी ली थी कइयों का जनाज़ा उठा था इस read more >>
रावण जब मृत्यु शय्या पर था, तो उसने श्रीराम से एक बहुत ही अच्छी बात कही कि, मैं तुमसे हर मामले में बड़ा हूँ, उम्र में, बुद्धि में, बल में, � read more >>
खुशियाँ कम और अरमान बहुत हैं, जिसे भी देखो परेशान बहुत है करीब से देखा तो निकला रेत का घर, मगर दूर से इसकी शान बहुत है । कहते हैं सच का को read more >>
हाँ मैं इस देश का वासी हूँ, इस माटी का क़र्ज़ चुकाऊंगा जीने का दम रखता हूँ, तो इस के लिए मरकर भी दिखलाऊंगा ॥ नज़र उठा के देखना, ऐ दुश्मन म read more >>
संघर्ष के पर्यायवाची त्याग के उपमान हैं। राणा महज राणा नही सम्पूर्ण हिन्दुस्तान हैं। दिखती जहाँ पर क्रूरता राणा वहीं ललकारते। क्र� read more >>
मैं क्या दूंगा इस मिट्टी को परिभाषा? किसको कह दूं तुम बनो देश की आशा ? अंधो बहरों देखो यह नया तमाशा । लो सुनो मेरे आजाद भगत की भाषा ।। सो read more >>
मैं जब भी लिखती हूँ, बेशुमार लिखता हूँ। कभी किसी की ख्वाहिश, कभी इज़हार लिखता हूँ। मैं नये सपनों का खुमार लिखता हूँ, कभी मंज़िल, कभी रा� read more >>
क्यों लहू को अंगार लिखा है मैने। क्यों शब्दों को प्रहार लिखा है मैनें ॥ आखिर क्यों कलम की धार लगाई जाती है। आखिर क्यों गलियों मे गुहा� read more >>
सारा जग है प्रेरणा प्रभाव सिर्फ राम हैं भाव सूचियां बहुत हैं भाव सिर्फ राम हैं कामनाएँ त्याग पुण्य काम की तलाश में राजपाठ त्याग पुण्� read more >>
सारा जग है प्रेरणा प्रभाव सिर्फ राम हैं भाव सूचियां बहुत हैं भाव सिर्फ राम हैं कामनाएँ त्याग पुण्य काम की तलाश में राजपाठ त्याग पुण्� read more >>
सारा जग है प्रेरणा प्रभाव सिर्फ राम हैं भाव सूचियां बहुत हैं भाव सिर्फ राम हैं कामनाएँ त्याग पुण्य काम की तलाश में राजपाठ त्याग पुण्� read more >>
बात करके फोन रखा और खुशी से सोफे पर चिंटू,चिंकी उछलने लगें। दरअसल दोनों बच्चे लंबे समय अंतराल के बाद अपने दादाजी के घर गाँव जा रहें थे इ read more >>
बेहतर ही होता के, तुम से कभी हम मिले न होते युंही बेवजह इस तरह ‌‌सिने मे कोई दर्द छुपाए तो न होते। read more >>
तुम्हें भुल न‌ पाने की चाहत और याद करने की गुनाह कर बैठे हैं न चाहते हुए भी, बिमारी दिल की जाने कब से पाले बैठे हैं । read more >>
जानता पर नहीं मानता, आंँख बांँध पट्टी। स्वार्थ रोटी सेंकता, सांँच आंँच भट्टी। मिट्टी गिरा शहद चाटता, शहद से ज्यादा मिट्टी। सत्य प� read more >>
तुम भले चले जाओगे, मगर यादों में बसोगे। लेकिन एक बात याद रखना मेरए दोस्त, तुम थे हमारे दिल में, हो हमारे दिल में, और हमेसा दिल में हि रहो read more >>
ए मेरे सपने जलद तुझे मैं पाऊंगा, क्या हो गया मुश्किल है सफर, पर मेरा हौसला भी कम नही। रोक दे हमे तुझे पाने से ये किसी हालात में दम नही।। read more >>
बंद दिलों के राज,किसे पता है? टूटे दिलों की बात,किसे पता है? दीवानगी का प्यार, किसे पता है? प्यार का मान, किसे पता है? सब कहते है साथ है, कि read more >>
*अनोखी विजय* हम दोनों अनजान थे, परिचय की शुरुआत में, जब पहली मुलाकात हुई थी, दिल की गहराई में। न जाने क्यूँ और क्या था, जो हम पास आए थे, एक read more >>
Join Us: