आज कल रिश्ते तो है बस नाम के, जहाँ प्यार विश्वास होता था, आज कल बस नाम के है, प्यार मोहब्बत तो दूर की बात है, आजकल तो हर रिश्ता पहले मतलब दे� read more >>
शब्द - शब्द मे समझ छुपी, पर समझ न पाए कोए ।
वो शब्द ही क्या शब्द है, जिसे समझ जाए हर कोए ।।
कवि शब्द -शब्द मैं कह गए, रटत बनत न बात ।
बात - बनत� read more >>
शब्द - शब्द पर ध्यान करो, शब्द - शब्द पर करो विचार।
शब्द ऐसा साधन है, जो मति बढ़ाए भरमार।।
शब्द - शब्द जुडत चलत, शब्द करत है वार ।
शब्द - शब� read more >>
राम की राह देखत - देखत, पुष्प सजावत रोज है सबरी ।
राम के नाम को जपत - जपत, बैर को खावत रोज है सबरी ।
राम के नेह में डूबे - डूबे, पंत निहारत है read more >>