प्रेम की स्वप्निल डगर पर
दो तरफ हम एक पथ पर
पुलक चलते, समानांतर
पर कभी जुड़ने की कोई आस न हो
प्रेम हो, पर मिलन की कोई प्यास न हो!
एक सखी � read more >>
(1) तेरे अहसास की खुशबू रग रग में समाई है,
अब तू ही बता क्या इसकी भी कोई दवाई है।
(2) चाहत बन गए हो तुम,
कि आदत बन गए हो तुम,
हर सांस में यूं आते read more >>
भींच दूंगा मैं उसे जो द्वंद में शत्रु है l
स्थिति भले हो मरण की ,
भले हो कटना खंड खंड भी l
मरणासन्न में ही सही ll
होगा विजय का जयघोष भी,
भले � read more >>
Ayi thi tum ek ajnabi ban kar,
Dil me basi ek dilruba ban kar,
Socha tha dulhan banaunga tujhe,
Par tu mujhe chhod gayi ek bewafa ban kar..! read more >>
Dil ka rishta bhi dard bhara hota hai,
ye asani se tutta nahi,
Koshish karo dusro se dil lagane ki,
ye tutne ke baad kisi se asani se judta nahi..!
read more >>
न कोई गम न किसी गम की खबर!
और कहते हैं दिल के सच्चे होते हैं!
सच में दिन तो बचपन के अच्छे होते हैं!
खेल में यू मगन कि पूरा दिन एक पहर लगता � read more >>
पुरुष कठोर क्यों
पुरुष इतना कठोर भी नही होता ,
वो सिर्फ बाहर से दिखता है ,
दिल का बहुत कोमल वो होता है ,
कठोर होना उसकी मजबूरी है ,
वो परि� read more >>
कहानी – पुन्नों रानी।
लेखक - जितेन्द्र शर्मा
तिथी - 15/01/2023
हमारे समाज में विवाह - शादियों का अलग ही अर्थशास्त्र है। दहेज से लेकर दावत त read more >>
न उरूज की बात है न जवाल की बात है
जिस हाल में है तू उस हाल की बात है।
न ज़िन्दगी है तेरी न मौत का पता है
रहमों करम है उसका जो होता तुझे आता � read more >>