(दोहा छंद)
जरा जरा सी बात पर, हो जाती है खार।
संयम वाणी पर रखें, फिर होती है प्यार।।
जरा जरा सी बात पर, कर लें हम सब ध्यान।
दे सकते हैं सीख read more >>
आसमां में छाया बादल हैं,
काली काली घटा,
धूप का ना साया हैं,
चल रही हैं ठंडी- ठंडी हवा,
कितना मस्त नजारा हैं,
नन्हीं -नन्हीं बूंदें आई,
कित read more >>
मैंने कई बार कई जगह सुना है और पढ़ा भी है यहां तक कि मैंने देखा भी है कि समाज में स्त्रियों को बहुत जगह दबा के रखा जाता है मध्यम वर्गीय पर read more >>
छम छम बहता,
झरने का पानी,
टप टप गिरता,
झरने से पानी,
कुछ फूल बड़े सुहाने,
पानी में खिल खिल जाये,
कमल और महड़,
कितने सुंदर कितने प्यारे,
जब read more >>
तुम न गम दो मुझे और भी बहुत से गम है मुझे मुझसे दूर न जाओ कभी पास तो बैठो कुछ अपनी कहो कुछ मेरी भी सुनो क्यों फिक्र करें जमाने की क्या कभी � read more >>
तेरे आने की आस लिए बैठा हूं ,
सूखे लवों पर प्यास लिए बैठा हूं ,
तू एक दिन मेरे पास जरूर आएगी __
ये सोंच कर तोहफ़ा कोई खास लिए बैठा हूं ।
_ शि� read more >>
अब मैंने गुनाह करना छोड़ दिया ,
अब मैंने इश्क़ बेपनाह करना छोड़ दिया ,
वह निकलती है मेरे सामने से कई एक बार दिन में__
अब मैंने उसपे निगाह � read more >>