Notification

अपने लेख प्रकाशित करने के लिए यहाँ क्लिक करें!

अखाड़ा परिषद् की कार्रवाई-वीरेंद्र देवांगना

अखाड़ा परिषद् की कार्रवाई::
खबर के मुताबिक, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद् ने फर्जी बाबाओं की चैथी सूची जारी की है, जिसमें इलाहाबाद के झूंसी के क्रियायोग आश्रम के योगी सत्यम का नाम शामिल किया है। ये बाबा किसी संत-परंपरा के न होने के बावजूद भगवा वस्त्र धारण किए हुए हैं।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद् ने तीसरी सूची जारी कर दिल्ली के चक्रपाणि व संभल के प्रमोद कृष्णम को भी फर्जी बाबा घोषित किया है। इसी के साथ परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने आम-ओ-खास से पुरजोर अपील की है कि वे ऐसे ढोंगी बाबाओं से सतर्क रहें, जो किसी परंपरा या संप्रदाय से संबंधित नहीं हैं। इन फर्जी साधु-संतों से सनातन धर्म की प्रतिष्ठा धूल-धसरित होती है। ये ढोंगी लोग संतों के नाम पे कलंक हैं।
गौरतलब है कि डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत रामरहीम को दो साध्वियों से बलात्कार की 10-10 साल की सजा सुनाए जाने के बाद अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद् हरकत में आया है। उसने एक साथ 14 फर्जी बाबाओं की सूची जारी कर हिंदू समाज से उनके बहिष्कार का ऐलान किया है।
परिषद ने इन्हें संत, महात्मा या संन्यासी कहे जाने पर भी आपत्ति जताई है। इस बाबत् परिषद ने स्पष्ट किया है कि ये लोग सनातन हिंदू परंपरा या अखाड़ा व्यवस्था के अंग नहीं हैं; न ही ये साधु-संन्यासी हैं। अध्यक्ष ने कहा कि संत बनने के लिए किसी संप्रदाय में संन्यास की दीक्षा लेना जरूरी होता है। जिन लोगों को फर्जी घोषित किया गया है, उनका किसी संप्रदाय से ताल्लुक नहीं है; न ही इन्होंने कहीं से दीक्षा ली है।
गौर करनेवाली बात यह भी कि परिषद की ओर से सभी 13 अखाड़ों को एडवाइजरी जारी करते हुए उन्हें अपने-अपने यहां स्थापित समिति के अनुमोदन के बाद ही संतों-महामंडलेश्वरों को मान्यता दिए जाने की सलाह दी है। वे 13 अखाडे़ ये हैं-निरंजनी, आनंद, महानिर्वाणी, अटल, बड़ा उदासीन, नया उदासीन, निर्मल अखाड़ा, जूना आव्हान, अग्नि, दिगंबर अणि, निर्वाणी अणि और निर्मोही अणि।
फर्जी बाबाओं की इस लिस्ट में आसाराम बापू उर्फ आशुमल शिरमलानी भी शामिल हैं, जो अपने बेटे नारायण साईं के साथ मिलकर दुराचार का साम्राज्य स्थापित किया हुआ था और जनास्था के साथ खिलवाड़ कर रहा था। तभी मीडियाकर्मियों के सवाल पर उन्होंने झल्ला कर कहा था,‘‘न मैं संत, न कथावाचक, मैं तो गधा हूॅं।’’
उक्त धंधेबाजों के अलावा, सुखविंदर कौर उर्फ राधे मां, सच्चिदानंद गिरि उर्फ सचिन दत्ता, इच्छाधारी भीमानंद, ओम बाबा उर्फ विवेकानंद झा, निर्मल बाबा उर्फ शिवमूर्ति द्विवेदी, स्वामी असीमानंद, ओम नमः शिवाय बाबा, रामपाल, आचार्य कुशमुनि, बृहस्पति गिरि और मलखान गिरि के नाम पाखंडी बाबाओं की सूची में शरीक किया गया है।
साथ ही, परिषद् ने स्वयंभू शंकराचार्यों का भी बहिष्कार करके उन्हें किसी धार्मिक पर्व पर सरकारी सुविधा व मान्यता न दिए जाने का प्रस्ताव केंद्र व राज्य सरकार को भेजा है। परिषद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अनुरोध किया है कि इन फर्जी बाबाओं को इलाहाबाद में लगनेवाले अर्द्धकुंभ में सरकारी तौर पर जगह न दी जाए।
इसके बावजूद, आस्था के साथ खिलवाड़ का मामला सतत जारी है। उपर्युक्त के अलावा, छत्तीसगढ़-बिलासपुर की युवती से दुष्कर्म मामले में राजस्थान की अलवर पुलिस ने स्वामी कौशलेंद्र प्रपन्नाचारी उर्फ फलाहारी महाराज को गिरफ्तार किया है।
यही नहीं, दिल्ली स्थित देवलोक आश्रम के प्रमुख वीरेंद्र देव दीक्षित महिलाओं से कथित यौनशोषण के आरोप के चलते फरार हैं। इसी तरह, उपचार के बहाने युवतियों को डरा-धमकाकर मोटी रकम लूटने व छेड़छाड़ करने के साथ ही दुष्कर्म करने के कथित आरोप में धमतरी (छत्तीसगढ़) निवासी तांत्रिक प्रकाश मिश्रा को गिरफ्तार कर रिमांड पर जेल भेजा गया है।
इन सबके बावजूद अंधभक्तों का न जागना और इनका बहिष्कार न कर उलटे इनके बचाव में आना, कई सवाल खड़े करता है। महंत नरेंद्र गिरि ने दावा किया है कि एक व्यक्ति ने खुद को आसाराम का भक्त बताते हुए फोन पर धमकी दिया है कि ‘यदि फर्जी बाबाओं की सूची में उनके गुरु का नाम आया, तो उसे मार डालेगा।’
इसी तरह गुरमीत रामरहीम की सजा पर उनके भक्तों द्वारा ऐलान किया गया था कि यदि फैसला बाबा के खिलाफ आया, तो पंचकुला में लाखों-करोड़ों भक्तों की समाधि बन जाएगी। उनके चमचों ने उपद्रव और खूनखराबा भी करवाया, जिसमें 35 लोगों की जानें चली गई। इसके बावजूद, वहां बड़े पैमाने पर उत्पात मचाने, गुरमीत को भगाकर विदेश ले जाने और शासन-प्रशासन को बंधक बनाने की साजिश रची गई थी। जिसका खुलासा, गुरमीत और हनीप्रीत के जेल जाने के बाद जांच-पड़ताल से हुआ है।
बहुत हो चुका अब। अब, तो फर्जी मौलानाओं पर भी शिकंजा कसा जाना चाहिए, जो इस्लाम व शरीयत के नाम पर मुस्लिम समुदाय को बदनाम कर रहे हैं। ये फर्जी मौलाना व नेता टोपी पहनकर, दाड़ी बढ़ाकर और इत्र छिड़ककर कहीं भी पहुंच जाते हैं और कौम को बदनाम करते हैं। इसके लिए आॅल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लाॅ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) को आगे आकर पक्षपातरहित सफाई का काम करना चाहिए।
–00–

Leave a Reply

Join Us on WhatsApp