[Intro — धीमा, गंभीर]
जब सच की आवाज़ दबाई जाए,
जब हक़ की राह रुकाई जाए,
जब अन्याय सामने आ जाए—
तो ख़ामोश रहना कैसा?
उठो...!
[Verse 1 — धीरे-धीरे जोश ब� read more >>
1.
मिट्टी की खुशबू में मेरा हिंदुस्तान बसता है,
तिरंगा लहराए तो दिल गर्व से हँसता है।
2.
सीमा पर जो जागते हैं, हम चैन से सोते हैं,
उन वीर ज read more >>