Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
Sahity Live

10

Years of Service

Sahity Live

साहित्य लाइव परिवार आपका हार्दिक स्वागत करता है!

सभी कलम प्रेमियों को साहित्य लाइव परिवार की तरफ से प्यार भरा नमस्कार। हर एक रचनाकार का हिंदी साहित्य में अहम् योगदान होता है। इसलिए आपकी कलम को ताकत देने तथा आपके विचारों को दुनिया के कोने-कोने तक पहुँचाने में साहित्य लाइव आपका सहयोग करता रहा है। आप सब अपना प्यार एवं सहयोग ऐसे ही बनाये रखें।

Read More

कलम की ताकत

नए व् उभरते रचनाकारों को एक ऐसा मंच प्रदान करने का प्रयास है जहां से वो प्रत्यक्ष रूप से जनता तक पहुँच सके और स्वप्रेरित होकर आगे बढ़ने का प्रोत्साहन मिल सके।

हुनर की पहचान

आधुनिक तकनीको का प्रयोग कर बहुत सारी सेवाएं प्रदान की जा रही है, ताकि लेखक की कलम और पाठक के मन दोनों वर्गों का हिंदी के प्रति लगाव बढ़ता रहे।

3369

Total Authors

14652

Published Articles

18

Team Members

134

Awards

साहित्य लाइव

वेबसाइट से दिलों तक का सफर

साहित्य लाइव मात्र वेबसाइट तक सीमित नहीं है। समय व् जरूरत के अनुसार लेखको के हितो को ध्यान में रखते हुए इसमें नयी-नयी सुविधाओं को जोड़ा जाता है।

Explore More Publish Now

कवि सम्मेलन

ऑनलाइन पत्रिका

Latest Articles

बहुत पहले की बात है राम सौगार्थ नाम का एक व्यक्ति मुंबई में रहते थे। पेशे से वे एक कांट्रेक्टर थे। बहुत सारे कंपनियों में उनका कांटेक् read more >>
प्रकृति और मानव प्रकृति मुस्करा रही हैं, मानव पर तरस रही हैं। फूल भी खिल रहे हैं, पक्षी भी गा रही हैं। पेड़-पौधे झूम रहे है, तितलिय read more >>
દરવાજા બે હતા, છતાં એક જ રસ્તો સામે હતો; મળવાનું નસીબ ક્યાં? સમયનો પહેરો સામે હતો. બારીમાં દીવો રોજ સાંજે ધીમે ધીમે ઝળહળતો, મારી આંખો સ read more >>
एक - दूसरे की करे हम सहायता, जिससे प्रसन्न हो हमारे परमात्मा। मानवीय कर्म - कथा से मिलती है प्रेरणा, मानव को सुख पहुंचाने से मिलती है सर� read more >>
દિલને દીપક સમું સળગવાની કળા આપી હતી, ને તને એ જ્યોતમાં ઘર કરવાની જગ્યા આપી હતી. તું જ વાદળ થઈને મારી ઋતુઓ લઈ ગઈ, મેં તો તારા રણને વરસવા� read more >>
રહેલા ઘાવને બજારમાં શું કદિલમાં હેવું? દરેક દર્દને જગમાં ગવડાવી દેવાનું નથી. સુગંધ બનીને જીવવું હોય તો ફૂલ જેવું જીવો, કાંટાનો હિસા read more >>

Weekly Popular Articles

कहानी शीर्षक: खुशी के आँसू अमर बाजार से आकर खाना खाकर घर में सो गया I गर्मी का महीना था I कमरे में पंखा लगा हुआ read more >>
દરવાજા બે હતા, છતાં એક જ રસ્તો સામે હતો; મળવાનું નસીબ ક્યાં? સમયનો પહેરો સામે હતો. બારીમાં દીવો રોજ સાંજે ધીમે ધીમે ઝળહળતો, મારી આંખો સ read more >>
प्रकृति और मानव प्रकृति मुस्करा रही हैं, मानव पर तरस रही हैं। फूल भी खिल रहे हैं, पक्षी भी गा रही हैं। पेड़-पौधे झूम रहे है, तितलिय read more >>
कहानी शीर्षक : सेवाभाव सविता की नजर दीवार घड़ी पर अटकी हैं I 2 बज चुके हैं I अभी तक उदय स्कूल से घर नहीं आया हैं I उसे 15 read more >>
एक सवाल “ बांझ “ किसने बनाया यह शब्द, “भगवान” या भगवान के नाम पर “ इंसान ” किसने ? निश्चित किया - “ कोख “ से एक स्त्री की पहचान, नहीं उठी read more >>
तब तक ये चलता रहे, जब तक इसमें मैं जो मै इस से जुदा हुई, ये कुछ भी ना है read more >>

Authors

Testimonial

What our authors say about us!

See More Add Your Review
Join Us: