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कलम की ताकत

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દરવાજા બે હતા, છતાં એક જ રસ્તો સામે હતો; મળવાનું નસીબ ક્યાં? સમયનો પહેરો સામે હતો. બારીમાં દીવો રોજ સાંજે ધીમે ધીમે ઝળહળતો, મારી આંખો સ read more >>
एक - दूसरे की करे हम सहायता, जिससे प्रसन्न हो हमारे परमात्मा। मानवीय कर्म - कथा से मिलती है प्रेरणा, मानव को सुख पहुंचाने से मिलती है सर� read more >>
દિલને દીપક સમું સળગવાની કળા આપી હતી, ને તને એ જ્યોતમાં ઘર કરવાની જગ્યા આપી હતી. તું જ વાદળ થઈને મારી ઋતુઓ લઈ ગઈ, મેં તો તારા રણને વરસવા� read more >>
રહેલા ઘાવને બજારમાં શું કદિલમાં હેવું? દરેક દર્દને જગમાં ગવડાવી દેવાનું નથી. સુગંધ બનીને જીવવું હોય તો ફૂલ જેવું જીવો, કાંટાનો હિસા read more >>
તારા પગલાંએ વસંતનો મંગલરાગ ગાઈ દીધો, હું પાનખરના પર્ણ સમ પવનમાં વિસરાઈ ગયો. ચાંદની પણ ભીની થઈ તારી સ્મૃતિના સ્પર્શથી, હું અશ્રુદીપ � read more >>
कहानी शीर्षक: खुशी के आँसू अमर बाजार से आकर खाना खाकर घर में सो गया I गर्मी का महीना था I कमरे में पंखा लगा हुआ read more >>

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जिन्दगी एक सर्कल की तरह चलती रहती है। जो उससे थोड़ा भी बाहर हुआ। वह जिंदगी से ही बाहर हो जाता है। फिर वह अन्य दूसरे सर्कल या चक्र में पर� read more >>
मोहतरमा, जरा कम इतराया करें, अपनी अदाओं से हमें, इतना ना सताया करें। आपकी नशीली निगाहों में, खो ना जाएँ कहीं, तवज्जो हटाने के लिए काला स� read more >>
रब से रोज़ तेरी दुआएँ माँगा करते हैं, तुझे सामने ना माँगकर ख्वाबों में माँगा करते हैं। वहाँ तुम इजहार का इकरार अवश्य करना, क्योंकि...ख् read more >>
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एक सवाल “ बांझ “ किसने बनाया यह शब्द, “भगवान” या भगवान के नाम पर “ इंसान ” किसने ? निश्चित किया - “ कोख “ से एक स्त्री की पहचान, नहीं उठी read more >>

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