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सार्क/दक्षेस संगठन-वीरेंद्र देवांगना

सार्क/दक्षेस संगठनःः
दक्षेस का पूर्ण रूप-दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन है। 8 दिसंबर 1985 को दक्षिण एशिया के सात देशों-भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल, मालदीव, भूटान ने मिलकर ढाका में दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन-सार्क की स्थापना की।
अप्रेल 2007 में दक्षेस के 14वें शिखर सम्मेलन में अफगानिस्तान इसका आठवां सदस्य देश बना। सार्क का मुख्यालय काठमांडू में है। इसका कुल क्षेत्रफल 50 लाख 99 हजार 611 वर्ग किमी है। इसमें रहनेवाली जनसंख्या 200 करोड़ के आसपास है।
सदस्य देशों के अलावा इसकी बैठकों में बतौर पर्यवेक्षक चीनी जनवादी गणराज्य, यूरोपीय संघ, ईरान, जापान, मारीशस, म्यांमार व दक्षिण कोरिया शामिल होते हैं।
सार्क का सचिवालयः सार्क के सचिवालय की स्थापना 16 जनवरी 1987 को काठमांडू में बांग्लादेशी राजनयिक अबुल अहसन द्वारा की गई, जो इसके पहले महासचिव थे। इसका उद्धाटन नेपाल के राजा वीरेंद्र बीर विक्रम शाह ने किया था।
सार्क चार्टर के मुताबिक एक महासचिव का कार्यकाल तीन साल का होता है। इसके अब तक 13 महासचिव रह चुके हैं। वर्तमान में पाकिस्तान के राजनयिक अमजद हुसैन बी सियाल इसके महासचिव हैं।
सार्क का अब तक 18 शिखर सम्मेलन हो चुका है। 19वें शिखर सम्मेलन का आयोजन 15-16 नवंबर 2016 को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में होना था, लेकिन सितंबर 2016 में भारत के उरी में पाक की शह पर आतंकी हमला हो गया, जिससे भारत, अफगानिस्तान, भूटान, बांग्लादेश, श्रीलंका और मालदीव ने सम्मेलन का बहिष्कार कर दिया।
नेपाल को चूंकि सभापतित्व की जिम्मेदारी पाकिस्तान को सौंपनी थी, इसलिए वह इस प्रकरण में चुप रहा। 20वां शिखर सम्मेलन भी पाकिस्तान में प्रस्तावित है, लेकिन पाक के द्वारा आतंकवाद का रास्ता न त्यागने के कारण इस सम्मेलन की संभावना क्षीणप्रायः है।
सार्क का उद्देश्यः सार्क का मुख्य उद्देश्य हर व्यक्ति को गरिमा के साथ जीने का अवसर मुहैया कराकर दक्षिण एशिया के लोगों का कल्याण करना और जीवन की गुणवत्ता को ऊपर उठाना है। साथ ही सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक विकास को तीव्र करना भी रहा है।
इसके अलावा एक दूसरे की समस्याओं को समझकर उनको आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, तकनीक और विज्ञान के क्षेत्र में सहयोग करना था, लेकिन संगठन कुछ देशों के असहयोगात्मक रवैये के कारण उतना असरकारक नहीं रह गया है।
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