Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

DINESH KUMAR SARSHIHA

DINESH KUMAR SARSHIHA

DINESH KUMAR SARSHIHA

@ dinesh-kumar-sarsiha
, Chhatisgarh

I am fond of writing Poetry and Articles.I enjoy writing about culture,social and divine subjects.Sahity is all about awareness of society as well as human being.

  • Followers:
    1
  • Following:
    2
  • Total Articles:
    50
Share on:

My Articles

भारतीय सनातन संस्कृति में समय को चार युगों में विभाजित किया गया है—सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग और कलियुग। इन चारों युगों का वर्णन हम� read more >>
⏳ टाइम बैंक: भविष्य के लिए समय की बचत ​स्विट्ज़रलैंड में शिक्षा प्राप्त कर रहे एक छात्र ने अपने जीवन का एक ऐसा अनुभव साझा किया, जो न केवल read more >>
*नीति धर्म को मत छोड़िए।* मनुष्य जब तक स्वार्थी है अर्थात् वह दूसरों के सुख की परवाह नहीं करता तब तक वह पशु-सदृश, बल्कि उससे भी गया बीता read more >>
“सब कुछ फिर से शुरू करने से मत डरो; हो सकता है आपको अपनी नई कहानी अधिक पसंद आए” — यह पंक्ति हमें बताती है कि असफलता या मुश्किलों से डरने क read more >>
महाभारत का महाकाव्य दो चचेरे भाइयों के वंश के बीच जटिल संघर्ष की कहानी है, जिसमें मुख्य रूप से पांडव और कौरव (धृतराष्ट्र के पुत्र) शामि� read more >>
प्रातःकाल की वायु को स्वास्थ्य के लिए अमृत तुल्य माना गया है। यह समय शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक विकास के लिए विशेष रूप से महत्वपूर� read more >>
*विश्वास करो कि तुम महान हो* इस वाक्य में गहराई से आत्मबल और आत्मविश्वास को व्यक्त किया गया है। यह वाक्य हमें याद दिलाता है कि हर व्यक्त read more >>
यह कथा एक व्यक्ति, राजेश, के जीवन पर आधारित है, जो अपनी कंजूसी के कारण समाज में अपमानित और उपेक्षित था। राजेश की कंजूसी इतनी प्रसिद्ध थी read more >>
रामकृष्ण परमहंस ने भगवान की प्राप्ति के लिए भक्ति के इन पाँच भावों का वर्णन किया है, जिनसे साधक भगवान के प्रति अपनी प्रीति व्यक्त कर स� read more >>
एक बार स्वर्ग के देवता धरती पर विचरण करने आए|उन्हें आशा थी कि धरती के निवासी उनका विपुल स्वागत करेंगे ।उन दिनों खेतों में अनाज के पौधे � read more >>
Join Us: