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Jitendra Sharma

Jitendra Sharma

Jitendra Sharma

@ jitendra-sharma-
, Uttar Pradesh

मेरा नाम जितेन्द्र शर्मा है। जन्म स्थान- ग्राम अमरसिंहपुर, विकाश क्षेत्र- परीक्षितगढ़, जनपद- मेरठ, उत्तर प्रदेश। परीक्षितगढ़ में रहता हूं। शिक्षा से जुड़ा हुआ हूं। वन्दना इण्टर कालेज नारंगपुर संस्थापक हूं तथा प्रबन्धन कर रहा हूं। हिन्दी साहित्य मेरा सर्वाधिक प्रिय विषय है।

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हास्य कविता- मोदी जी पीछे पड गये। शब्द रचना- जितेन्द्र शर्मा तिथी- 3/03/2023 अपनी फीकी किस्मत चमकाना चाहता था! इसलिये राजनीति में जाना चाह� read more >>
आजादी तो याद है आजाद भुला दिये, अंदाज की मस्ती में आगाज भुला दिये। ज़ालिम संग जाम छलकाने वाले, महान हो गये! सर तेग पर रखने वाले जांबाज भ� read more >>
किसी के गम में बह जाए, आंखों में नींर होना चाहिए। हर बुराई से भिड जाए, ऐसा वीर होना चाहिए। किसी को लानत भेजें और किसी को झिडक दे। हमारे ह read more >>
बचपन का सपना सजाने चला हूं। मैं एक घर अब बनाने चला हूं।। प्यार की ईंटों से नींव बनाने को, अपनत्व के गारे से जोड लगाने को। आंधी और तूफान read more >>
प्रायश्चित या प्रतिशोध (खण्ड-3) दिल्ली में जनवरी का मध्य भाग भयंकर ठंड का समय होता है। तीन दिन से कोहरे के कारण सूर्य के एक पल भी दर्शन � read more >>
पहला रंग- 18/2/2023 बाबु ने कुछ लजाकर, कुछ इठलाकर अपने सोहना बाबू से पूछा - मेरे सोहना, मेरे बाबु, मुझे नया आईफोन कब दिलवाएंगे। सोहना बाबु पह read more >>
कहानी- महाप्रयाण! रचना- जितेन्द्र शर्मा तिथी-18/02/2023 पंडित द्वारकानाथ कई दिनों से बीमार थे। उनके बेटों ने उन्हें शहर के सबसे अच्छे डॉक्� read more >>
रचना- जितेन्द्र शर्मा तिथी-15/02/2023 कविता- हे पतझड़! तेरा अभिनन्दन! यह सन्देश है नव चेतन का, नव योवन का, नव जीवन के पाने का। पुष्पित और पल् read more >>
कविता-पत्नी से पंगा! रचना- जितेन्द्र शर्मा। तिथी- 13/02/2023 बेशक मैं कुल का वाहक हूं, वो दो दो कुल की प्यारी है। समय न पढ़ पाया जिसको, उलझी ह read more >>
कविता- मैं श्वेत धवल शीतल जल हूं! रचना- जितेन्द्र शर्मा तिथी- 31/01/2023 मैं जल हूं! मैं श्वेत धवल हूं शीतल हूं। मैं जल हूं! मैं जल हूं। नभ से read more >>

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