ख़ुदकी चाहत मे, खुदके भी ना रहे
इतनी हद से चाहत की -की,मरहम भी न मिल सके
शिकायत क्या करे किसी से, उस लायक भी न रहे
घुटन भरी परी है जिन्दगी, read more >>
इक तलप लगी है तेरी, उसे बुझाऊ कैसे
इस बन्झर जमी पे, हरियाली लाऊ कैसे
सौ अरमानो को दबाकर, इक ख्वाईस् की है
उस दिलके ख्यालों को, हकीकत मे ब� read more >>