बार बार कलम उठाई सोचा की कैसे लिखू,
लिखना चाहा ज़ब एक माँ हाल
कलम चली पर लफ्ज़ ना मिले
कहा से सुरु करू क्या क्या मै लिखू,
भ्रूण हत्या के ना� read more >>
जब इस धरती पर जन्म लिया,
ना चैन एक पल भी लिया.
बोल उठा एक चाहने वाला
अभी तो आया है बचपन,
इसे बीत जाने दे तब जीवन का सार समझ आएगा,
मैंने कहा � read more >>