Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

Poonam Mishra

Poonam  Mishra

Poonam Mishra

@ poonam-mishra
, Uttar Pradesh

मै पूनम मिश्रा उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर से हूं मैंने साहित्य लाइव प्रतियोगिता में भाग लिया था जिसमें मुझे तृतीय स्थान प्राप्त हुआ था मुझे इससे जुड़कर अत्यंत खुशी होती है और यहां पर और भी लेखों को पढ़ने और सुनने का मौका मिलता है जिसे मुझे कुछ सीखने को भी मिलता है मैंने इतिहास से m.a. एवं कला विषय से ग्रेजुएशन किया है इसके अलावा बी ऐड किया है मैं अपना खुद का कोचिंग इंस्टिट्यूट चलाती हूं और बच्चों को पढ़ाती हूं

  • Followers:
    12
  • Following:
    11
  • Total Articles:
    430
Share on:

My Articles

दिल पर लिखी इबादत है ! यह शायरी मेरे प्यार की अमानत है ! आप कहकर कभी नहीं आते न जाने क्यों ?आज आपसे आपकी शिकायत है। read more >>
बहुत कोशिश है कि तुम्हें भूलने की न जाने क्यों ?तुम दिल से निकलते नहीं हो !कई बार ऐसा महसूस होने लगा है ! तुम ही शब्द ! बनकर आते हो जुबां ! read more >>
न जाने कहां खो गई है वह मेरी खुशी ! चलो ढूंढ लाते हैं उस खुशी को फिर हम यूं ही कहीं! read more >>
ऐ मन तु अपनी मर्जी क्यों चलाता रहा ! तू चाहता क्या है? यह कभी तो मुझे भी बता । जब भी सोचता हूं ! मैं कुछ तुम मुझे और ही किसी राह पर ले जाता र read more >>
रूठते थे हम भी कभी बच्चों की तरह ! अपनी चोटी को ठीक से बनाने की जिद करते थे हम भी कभी। हंसते थे कभी खिलखिला कर। राह पर यूं ही । रहते थे मस� read more >>
कोई चाहत नहीं है मुझ में ! कोई उम्मीद भी नहीं है मुझ में! शायद !इसीलिए जिंदगी मेरी वीरान है ! कोई आस भी नहीं है! जितना मिल जाए वह भी बहुत है ! read more >>
क्या लिखूं !मन मौन है !पर लिखने को भी मन बेचैन है! उलझन है मेरी उसको मैं ! ना सुलझा सकी ! राह के एक पत्थर को भी मैं ना हिला सकी दर्द से कराह� read more >>
कभी खुद से भी मिला करो कभी अपने से भी बात किया करो! सबसे ना मुख मोड़ा! करो! हर पल सच की भी खबर रखा करो यह तो सच है कि सच कहने वालों को भी सहन� read more >>
दिन ढलते ही मन की उम्मीदें भी! पता नहीं कहां छुप जाती हैं! शायद मन को बहलाने का! आंखों में आंसू ना आए ! इसको छिपाने का प्रयत्न करने लगती read more >>
न जाने !मन में कितनी उलझन है! इन उलझनों को सुलझाने का! कोई एक रास्ता तो दो! कहनी है बहुत कुछ तुमसे ! कभी मेरी भी बातों को सुनने को एक शाम त� read more >>

My Videos

Join Us: