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Poonam Mishra

Poonam  Mishra

Poonam Mishra

@ poonam-mishra
, Uttar Pradesh

मै पूनम मिश्रा उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर से हूं मैंने साहित्य लाइव प्रतियोगिता में भाग लिया था जिसमें मुझे तृतीय स्थान प्राप्त हुआ था मुझे इससे जुड़कर अत्यंत खुशी होती है और यहां पर और भी लेखों को पढ़ने और सुनने का मौका मिलता है जिसे मुझे कुछ सीखने को भी मिलता है मैंने इतिहास से m.a. एवं कला विषय से ग्रेजुएशन किया है इसके अलावा बी ऐड किया है मैं अपना खुद का कोचिंग इंस्टिट्यूट चलाती हूं और बच्चों को पढ़ाती हूं

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तेज धूप पिघल कर ऐसा , लगता है मानो हवा में घुल गई है धूप की तेज गर्मी से, पेड़ के पत्तों के दर्द को समझ कर, हवा ने छू लिया, एक एक पत्ती को read more >>
सागर हमेशा सब नदियों के पानी को अपने आगोश में लेता रहता है l इसीलिए शायद सागर का पानी खारा होता है l आपने देखा होगा कि नाले का पानी बहु� read more >>
जिंदगी की इस भाग दौड़ भरी जिंदगी में , हम बहुत दूर निकल आए हैं , कुछ रिश्तो को निभाते ,निभाते, मैं थक चुकी हूं शायद मैंने इन रिश्तो को, स read more >>
तुम्हें अपनी जिम्मेदारियों से! कब फुर्सत मुझे अपनी जिंदगी की परेशानियां ,एवं गम ,से कब फुर्सत कभी सोचते मिलने जाऊं , तुम्हें ,फिर सो read more >>
न जाने दिल बार-बार क्यों ? कह रहा है !यदि आज के दिन न हम तुमसे बिछड़ गए ! तो शायद ही जिंदगी के ! किसी मोड़ पर ? मेरी तुमसे मुलाकात हो ? यदि मु� read more >>
चर्चा चली महफिल में तुम्हारे नाम की ! !मेरे होठों पर मुस्कान के साथ आंसू आ ही गए! तुम्हारे साथ गुजारे कुछ, पल याद आ ही गई, क्या खोया? क� read more >>
जब जिंदगी में हर तरफ रास्ते हो बंद ,चारों तरफ फैली हो अंधियारी ,मुश्किल पलों में जब मुस्कुराने का दिल न करें l मैं !तो कहती हूं उन मुश्� read more >>
स्वप्न भी हूं !उम्मीद भी हूं! आशाओं की! एक किरण भी !हूं मैं !मैं तुम्हारी जिंदगी की! शाम भी हूं !हर एक सुबह होती रही मुझसे यहां! read more >>
बादलों में छुप छुप कर चांद ! मुझे सपने दिखाता क्यों है? चांद की चांदनी! दूर-दूर तक बिखर कर मेरे सपनों को ! जगाती क्यों है ? निराशा के बाद� read more >>
लोगों ने सोचा मेरे सपने टूट गए हैं क्योंकि मैं अंदर से बिखर चुकी थी टूट चुकी थीl मैं अपने सपनों को पाने में असफल हो रही थीl लोगों को य� read more >>

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