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Poonam Mishra

Poonam  Mishra

Poonam Mishra

@ poonam-mishra
, Uttar Pradesh

मै पूनम मिश्रा उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर से हूं मैंने साहित्य लाइव प्रतियोगिता में भाग लिया था जिसमें मुझे तृतीय स्थान प्राप्त हुआ था मुझे इससे जुड़कर अत्यंत खुशी होती है और यहां पर और भी लेखों को पढ़ने और सुनने का मौका मिलता है जिसे मुझे कुछ सीखने को भी मिलता है मैंने इतिहास से m.a. एवं कला विषय से ग्रेजुएशन किया है इसके अलावा बी ऐड किया है मैं अपना खुद का कोचिंग इंस्टिट्यूट चलाती हूं और बच्चों को पढ़ाती हूं

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शीर्षक ---- तुम से दूरी तुम समय के साथ मुझसे दूर होते गए ! न जाने क्यों ?तुम मजबूर होते गए ! बहुत खामोशी के साथl मैंने रिश्तो को संभालना च� read more >>
आ गए तुम प्रिय ! आ जाओ जरा .!ठहरो सुनो! अपनी दिनभर की परेशानियों को बाहर ही छोड़ आओ प्यार और एक दूसरे के ऊपर विश्वास की भावना के आधार पर. read more >>
क्यों? न! प्रिय मैं तुम्हें पहचान पाई ! क्यों ?मैं दौड़ती रही उस कठिन समय में तुम संग अकेले ! क्यों ?न राह के कांटे को मैं समझ पाई ? जो मैंने read more >>
जब हम जिंदगी जीना सीख चुके थे अपने सपनों को हकीकत में बदलने की कोशिश कर चुके थे गमों को भूलाकर खुशियों से रिश्ता जोड़ चुके थे फिर क� read more >>
आजकल न जाने क्यों शहर में मेरे दोस्तों से ज्यादा मेरे दुश्मनों की संख्या बढ़ गई हैl क्योंकि दोस्त मुझे याद नहीं करते .पर दुश्मन मेरी च� read more >>
अरे !सुनो जिंदगी ठहरो ,अभी मैं तुमसे हारी नहीं हूं बहुत कोशिश की तुमने मुझे गिराने की परंतु तुम मुझे गिराने के काबिल नहीं हो । समय की � read more >>
कभी-कभी जिंदगी ऐसे मोड़ पर. लाकर मुझे खड़ा कर देती है! जहां से मैं मुड़ ,कर पीछे देखना भी नहीं चाहती हूं मगर वह गुजरा हुआ पल, वह अतीत ,हम� read more >>
रिश्तो के दरमियां एक दूरी से हो गई है न जाने क्यों जिंदगी में कुछ कमी सी हो गई है read more >>
आजकल हम बहुत शांत हो गए हैं पर ऊपर से तो यह शांति सर्वविदित है पर न जाने क्या मन में बहुत ही हलचल मची हुई है जिसकी शोर से मैं अपने आप को � read more >>
बार-बार पता नहीं क्यों? कुछ मैं लिखती हूं. फिर मिटाती हूं .न जाने क्या ? मन की रहस्य को उजागर करना चाहती हूं "चाहती तो हूं कि लिख दूं 'अपन read more >>

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