[email protected]
Join Us:
Home
Category
कहानियाँ
कविताएँ
ग़ज़ल
गीत
शायरी
आलेख
महत्वपूर्ण सूचनाएँ
Topic
धार्मिक
राजनितिक
प्यार-महोब्बत
हास्य-व्यंग
बाल-साहित्य
समाजिक
देश-प्रेम
दुःखद
साहित्य लाइव सूचनाएँ
अन्य
Videos
Others
Search Articles
Latest Updates
Popular Articles
Testimonials
Video Tutorials
Winner List
How to publish articles
My Account
Login
Register New Account
Forgot Password
Login
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक
20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका
साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस
साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
Ranjana sharma
Home
Author
Ranjana sharma
Ranjana sharma
Ranjana sharma
@ ranjana-sharma
, Orissa
Myself Ranjana Sharma.I live in Bhubaneswar,(Orrisa).
Followers:
14
Following:
11
Total Articles:
735
Follow
View Certificate
Share on:
My Articles
संभाला था मैंने
संभाला था मैंने बहुत अपने दिल को मगर ए संभाले संभलता नहीं है बताएं भी कैसे उन्हें अपने दिल की वो नजरे हमसे मिलाता नहीं है ठहर जाए दो प�
read more >>
अंजान
जान के भी अंजान बैठा है देखो उल्टा हमही से सवाल करता है देखो अगर हम कह दें तो अफसाना बन जाए न कहे तो बात बन जाए। धन्यवाद
read more >>
अपने दिल में
तुम्हें हमने अपने दिल में दी थी पनहा पर तुमने किसी और के खातिर छोड़ दिया मुझे तन्हा। धन्यवाद
read more >>
खुदा करे
खुदा करे तुम्हारी दुआ कुबूल हो जाए हमें तो अपना प्यार न मिल सका तुम्हें तुम्हारा प्यार मिल जाए। धन्यवाद
read more >>
अशफाक
इतने अशफाक आज क्यों हो तुम हमपे कल जा रहे थें छोड़ के तब तरस क्यों नहीं आया हम पे। धन्यवाद
read more >>
आरजू
आरज़ू मेरे दिल में इस कदर बढ़ गई तुझे पाने की अगर कोई और ले जाए तुझे तो बरदाश न होगा तुमसे दूर जाने की। धन्यवाद
read more >>
धड़कता है
धड़कता है दिल देखते ही तुझको मैं नजरे चुराएं भी तो कैसे भला बिना देखे आए न चैन मुझको। धन्यवाद
read more >>
भूल के
तुम्हें भूल के हम जाएं कहां जहां जाएं आते हो याद वहां। धन्यवाद
read more >>
मैं और मेरी खामोशी
मैं और मेरी खामोशी अक्सर तन्हाई में बातें करती है भीड़ से डर नहीं लगता दिन के ऊंजाले से डर लगता है ऐसा कहती है। धन्यवाद
read more >>
वे सभी
रिश्तों की डोर से बंध कर रह जातें हैं वे सभी जो जख्म खा के भी मुस्कुराते हैं और उफ़ न निकलती उनके मुंह से कभी। धन्यवाद
read more >>
« Previous
Next »
Showing
601
to
610
of
735
results
‹
1
2
...
58
59
60
61
62
63
64
...
73
74
›
Share on:
Facebook
Twitter
Linkedin
WhatsApp
Pinterest
Telegram
Copy Share Link
Copy
Join Us:
© 2026 |
Sahity Live
®
| All Right Reserved.
A product of
DishaLive™ Group
| Digital Partner:
MyDL.in Website Builder