अजीब - सी कशिश है,तुममें
जो मैं तेरी ओर खींची चली आती हूं
न चाहते हुए भी तेरे ही बारे में सोचती हूं
एक नज़र देखने के लिए मेरी नजर बेकरार � read more >>
आज तुमने जो हमसे कहा
देखो कल उसको भूल न जाना
दिल को जो बात आज छू गई
देखो कल दिल तोड़ न जाना
आंखो में जो सपने भर दिए
देखो कल उस सपने को चुर� read more >>
रक्षाबंधन एक ऐसा त्यौहार है जिसका कोई मजहब नहीं होती ,कोई धर्म नहीं होती, ऊंच- नीच नहीं होती,कोई बड़ा - छोटा नहीं होता यह तो एक ऐसा अटूट र� read more >>
एक ड्राइवर प्रतिदिन अपने साहब को ऑफिस से लेकर घर तक छोड़ने जाता था, पर रास्ते के बीच में एक स्ट्रीट लाइट के पास साहब के कहने पर रुक जाता � read more >>