फ़टे मटमले कपड़े उनके, तन का वस्त्र भी है ना इनके
दिन-रात का ना ठिकाना, ठीक से हो ना खाना-पाना
बच्चे के लिए वो अड़ जाता, रिक्शे पे जिंदगी सड़ ज read more >>
गिरा आम के पेड़ से डाल, बच गया भईया बाल-बाल
आगे दिखा गजब टीकोरा, मन विचलित हुआ निहोरा
रात का मसला बीसो बार, अपना फेटा कई बार
जो पढ़ जाए वो दी read more >>
देखा मन हर्षशाया रातो मे, प्रेम की दीप जलाया साथो मे
गिरता उठता नहलाया बातो ने, उठा पटक धमा चौकड़ी हुआ सातों मे
मन का रुख काँप गया, पप्पू � read more >>
देख तिरंगा बढ़े जुनून,देशहित में तर जाऊ
कफ़न ओढ़ मैं रहू हमेशा,देश के लिए मैं अड जाउ
हो संकल्प मेरे दिल मे, मैं अपने वतन पर मर जाउ
मैं लाख ग� read more >>
बाबू जी कहते थे
"मन प्रसन्न तन तेज बिराजा"
मन प्रसन्न हो शरीर मे कोई कमी नही होगी
आप जिस मंजिल की तरफ बढ़ेंगे मंजिल आपकी होगी|
आपकी प� read more >>