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Sweta Kumari

Sweta Kumari

Sweta Kumari

@ sweta-kumari
, झारखंड

मै एक शिक्षक हूं। झारखंड राज्य मे काम करती हूं। लिखने का शौक बहुत पुराना है ।

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My Articles

मेरा नसीब चमके वो तारा नहीं मिला तन्हा कटी है उम्र सहारा नहीं मिला हम नाज जिसपे कर सके जिसकी मिसाल दे हमदर्द कोई ऐसा खुदा रa नहीं मिला read more >>
आ---pi की आवाज से मैं चौकी। दरवाजे की ओर बढ़ते कदम अचानक आवाज से ठिठक गये। तभी अनेक लोगों की आवाज सुनकर मैं जल्दी -जल्दी दरवाजे की ओर बढ़ी। read more >>
मानव के अधिकार का दिवस है ये कहलाता पर क्या मानव को यह उसका अधिकार है दिलाता जात पात की दीवार ने बांट दिए मानव धर्म ने मानव को बना दिय� read more >>
आज बहुत दिनों बाद मामी से बात करने की फुर्सत मिली। मैंने उन्हें फोन कर हाल जानना चाहा। काफी देर बातचीत के बाद मैं बोली- मामी बहुत दिन हो read more >>
आज माँ बहुत उदास थी। एक तरफ इकलौती पोती की शादी थी दुसरी तरफ बेटे ने ऐसा कह दिया था जिसकी कभी आशा नहीं की थी। मेरे पापा दो भाई थे। दादा जी read more >>
तेरी तिरछी नजर जो कभी मेरे देश पर पडी तेरी धज्जियाँ उड़ा देगी यह वीरों की भूमि शिवाजी,भगत सिंह या आजाद करते रहे तेरे नापाक इरादे बर्� read more >>
अगस्त 1992 का हर दिन एक इंतज़ार था। दसवी बोर्ड का रिजल्ट जो आनेवाला था।बिहार बोर्ड की दसवी परीक्षा पास करना,जिसे मैट्रिक की परीक्षा कहा � read more >>
तुम कहाँ से आए हो तुम कहाँ को जाओगे अन्न यहाँ का खाओगे तो गुण यही के गाओगे भूलना मत ये हिन्दुस्तान है। कब्रो पर तुम फूल चढाओ या करो त read more >>
शीला जी आज सुबह से बहुत परेशान थी।उनके मन मे उधेडबुन चल रही थीकि वह क्या करेंगी? जिस सम्मान के लिए वह बड़े बेटे -बहू का घर छोड़कर चली आई। read more >>
घर मे हँसी-खुशी का माहौल था।आज आसी की शादी थी।आसी अपनी पीढ़ी मे सवसे बडी थी।उसके पापा चार भाई और चार बहन थे। दादा जी गुजर चुके थे।लेकि� read more >>
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