बड़ी शिद्दत से माँगा था खुदा से उस महबूब को ।
अब बदले बदले नजर आने लगे है ,
लगता है कि उन के दिल में कोई और जगह बनाने लगे है
अब उन्हके प्रे� read more >>
14 साल की प्रतीक्षाओं का अंत हो रहा था। किसी को कुछ सूझ न रहा। भरत जी ने कहा सब लोग नंदिग्राम चलें। लोग दौड़ पड़े। गोस्वामी जी कहते हैं कि read more >>
मुझे पता तो नही मै कैसा हू या मेरा आपके साथ व्यवहार कैसा हैं ...... पर आप तो मेरी दुनिया हो आपके बिना तो मैं कुछ भी नही आपको बता तो नहीं सकता � read more >>
मैं जब भी लिखने बैठती हूं तो यही सोचती हूं कि मैं वही लिखो जो मुझसे और मेरी सोच से जुड़ा हुआ हो जिससे मैं और मुझसे जुड़े लोग भी बहुत ही ज् read more >>