चारों और जगत मे,
दिल की ....
नफ़रत का बोल. बाला है।
मे भी तो यहाँ ,
खाके चोट जमाने से तड़ता रहा हूँ ।
ये तो
मुझे मेर...... दोस्तों ने सँभाला ह read more >>
काले-काले बादल , ये चाहत के
दिल पे छा गए ।.......
बदला मौसम ओर
घिरे-घीरे तुम बातो मे आगऐ ।
ऐसे तो थे, आस-पास खिले
गुल हजारों
मगर.......
तुम को पसं� read more >>
दर्द बेवफा थे.... सारे
हम को ये ......तेरी ही.
..... चाहत मे मिले।
चले .मिलने -बिछने के
ये सिलसिले,
हंसाया तेरी यादों ने, रूलाया तेरी
जुदाई ने
ह� read more >>
मेरे किसी ख्वाब की ,
तुम को जरूरत है।
... क्या ,...... ?
दुनिया मे , ऐसे ,किसी नाम की,
तुम को जरूरत है।
....क्या .. ?
दिल ये कहे,
अब ...फैसला ...तेरा-मेर� read more >>
काश !फिर से लौट आए
मेरी जीवन का वह पुराना
अतीत
कहने को बहुत कुछ थे !
शब्दों में पर कह न सके
हम
लफ्जों से !
दिल में बहुत सी हलचल है !
कुछ क read more >>