(दोहा छंद)
यूं ही हृदय उदास है, दिल में है जो दर्द।
किसे कहूं अब यार मैं, मौसम भी है सर्द।।
(स्वरचित मौलिक)
संदीप कुमार सिंह✍️
जिला:_समस्� read more >>
(मुक्तक छंद)
हमें मुहब्बत हो गया, तुझ से ही ओ यार।
यादों में तुम ही रहें, मेरे दिल हकदार।
तुझ में ही है जिन्दगी, तुझ में ही दिल जान_
सबकुछ read more >>
(दोहा छंद)
रुग्ण लोग से दूर रह, मन में भर उत्साह।
सदा गात पर ध्यान रख, आते कभी न आह।।
(स्वरचित मौलिक)
संदीप कुमार सिंह✍️
जिला:_समस्तीपुर(� read more >>
(रोला छंद)
लब पर हो नव गीत,हृदय में उमंग रखिए।
जीवन में संगीत, आप नित पथ पर चलिए।।
चलना ही है जान, आयु हो तब ही ज्यादा।
करें पूर्ण सब काम,क read more >>
(दोहा छंद)
पैसा जरुरी आज है, बिना नहीं हो काम।
करें मेहनत खूब जब, होता है तब नाम।।
पैसा जब हो पास में, पूछे सब जन यार।
साथ देय तब आपका, खुश� read more >>