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छोटो को प्यार बड़ों को नमस्ते
छोटों को प्यार, बड़ो को नमस्ते, क्रिसमस डे मनाओ, हंसते हंसते। हैप्पी क्रिसमस डे
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राधेश्याम के दिवाने हैं हम
राधेश्याम के दिवाने हैं हम, तेरे दरवार के पुजारी हैं हम, तेरे दर्शन के पागल हैं हम। जय श्री राधे कृष्णा
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मेरे दिल की हस्ती में मैया हैं विराजमान
मेरे दिल की हस्ती में मैया हैं विराजमान,उस हस्ती के मुख्य दरवार पर बैठे हैं राधेश्याम।
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एक दूसरे को समझे।
एक दूसरे को समझे वही जीवन साथी होता है । एक दूसरे की फिक्र करना वही एक अच्छा दोस्त और एक अच्छा और सच्चा जीवन साथी होता है। जैसे मां पित�
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दिल मिल गए
दो दिल मिल गए आखिर प्यार हो ही गया कब तक दूर रहता तेरे बिना साथी आखिर तेरे पास तो लोट आना ही था , केसे बया करू इस प्यार को कब हो गया मालू�
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हौसला
साल दर साल, साल बदल जाते है न जाने कितनों के मुकाम बदल जाते है और बदलते नही,जिन परिंदों के हौसले ए मुकाम आसमां खुद उनकी उड़ानों के लिए ख�
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तेरा रूप सबको भाये हैं कैन्हया
तेरा रूप सबको भाये हैं कैन्हया, तू इतना सुन्दर ,प्यारा हैं कैन्हया, जग में तू छाया हैं कैन्हया। जय श्री कृष्णा
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तश्वीर में बैठे-बैठे कान्हा यूं मस्कुराते हो
तश्वीर में बैठे-बैठे कान्हा यूं मस्कुराते हो,मेरा दिल कान्हा क्यो चुराते हो, तुम आते नहीं हमसें मिलने, अपने दर हमें क्यों नहीं बुलाते
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संस्कार
अच्छे संस्कार तन को पूर्ण रूप से ढकने तक ही नहीं बल्कि बुरे विचारों को अच्छाई से ढकने से भी है. लेखक पंकज कुमार बुड़ाकोटी
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वार और प्यार
वार और प्यार दोनों एक जैसे हैं, जरा सी चूक होते ही इंसान तबाह हो जाते हैं......
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सर्दियों में ही धूप की जरूरत होती हैं
सर्दियों में ही धूप की जरूरत होती हैं, गर्मियों में तो लोग छाता लगा लेते, बस समय समय की कीमत होती हैं।
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कागज और कलम
कागज और कलम एक दूसरे के जीवनसाथी हैं, जैसे कागज बिना कलम के अधूरा है, वैसे ही कलम बिन कागज के चलती ही नहीं. लेखक पंकज कुमार बुड़ाकोटी
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