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‌‍‌‍‍‍ कुछ बाते-जतिन-शर्मा

मेरा नाम जतिन है मैं आप सब को किशोर जीवन कि कुछ बातें बताने जा रहा हूं इस उम्र में हमारा ध्यान इंदृइयो की ओर भटक जा ता है मैं आप को हस्तमैथून छोड़ने के कुछ तरीके बता रहा हूं आप बुरा माहोल घोड कर अपने लिए समय निकालें शांत वातावरण में ध्यान लगाओ उस के लिए सुखासन (योग में पता कर लें) में बैठ अपनी रीढ़ या कमर और गर्दन को सिधा करें आंख बंद करके और अपनी सांस पर ध्यान या नाक के अगले भाग पर दृष्टि जमाओं या दूसरा पहलवानों वाला लंगोट बांध लो या योग को अपना लो ओर एक और विलुप्त बात है आप को अपने लिंग को खड़े होते वक्त उसे बिना हात लगाए दिमाग की शक्ति से रोकना है जो आप ध्यान करके बढ़ा सकते है यह काम आप को खुद करना होगा कहते हैं चलती चक्की देख कर दिए कबीरा रोय दो पाटों के बीच में सबूत बचा ना कोइ यानी इस धरती और आकाश के बीच में जो भी आता है उसे मेहनत करनी होती है तो आप को आपने दिमाग से मेहनत कर के अपनी इंद्रियों से और काम से जितना है! धन्यवाद

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