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लमहे -पूनम मिश्रा

मैंने जिंदगी को भी जीना सिखा एक
उम्र निकल जाने के बाद
मेरी नजरों ने भी हंसना सीखा
गुजरे लम्हों को भूलने के बाद

पूनम मिश्रा

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